मैंनु बैठे बैठे आ जांदी तेरी याद माँ

पारंपरिक
माता दुर्गा भजन दुर्गा भजन durga
॥ पावन पाठ ॥

मैंनु बैठे बैठे आ जांदी, तेरी याद माँ शेरावालीये,

मैंनु बैठे बैठे आ जांदी, तेरी याद माँ शेरावालीये,

आस दर्श दी जगा जांदी, तेरी याद माँ शेरावालीये,

आस दर्श दी जगा जांदी, तेरी याद माँ शेरावालीये,

मैंनु बैठे बैठे आ जांदी, तेरी याद माँ शेरावालीये......

कंजका ने खेड दियां वेखां जदो वेड़े,

नैन मजबूर होण दर्शन नु तेरे,

मेरे सीने ठंड पा जांदी, तेरी याद माँ शेरावालीये,

मैंनु बैठे बैठे आ जांदी, तेरी याद माँ शेरावालीये.......

सोहणा निराला भवन, भवन है तेरा,

संगता आऊंण जित्थे सच्चा दर तेरा,

साडे सुपने च आ जांदी, तेरी याद माँ शेरावालीये,

मैंनु बैठे बैठे आ जांदी, तेरी याद माँ शेरावालीये.......

हर वेले याद तेरी बच्चड़े नु आवे,

तेरे दर्श बिन चैन कित्थे पावे,

सानु सुतेयां जगा जांदी, तेरी याद माँ शेरावालीये,

मैंनु बैठे बैठे आ जांदी, तेरी याद माँ शेरावालीये.......

तेरे गले दा माँ हार बन जावां,

खुशबू नाल मैया तैनु महकावां,

मेरी जींद महका जांदी, तेरी याद माँ शेरावालीये,

मैंनु बैठे बैठे आ जांदी, तेरी याद माँ शेरावालीये.......

तार तेरी नाल तार मैं तां जोड़ी,

बनी रवे माँ पुत्रां दी जोड़ी,

मैंनु रोंदेयां हंसा जांदी, तेरी याद माँ शेरावालीये,

मैंनु बैठे बैठे आ जांदी, तेरी याद माँ शेरावालीये.......

इस पावन रचना का पाठ कब और कैसे करना चाहिए? ▾
प्रातःकाल स्नान करके अथवा संध्याकाल में शांत चित्त होकर स्वच्छ आसन पर बैठकर पाठ करना परम फलदायी माना जाता है।
नित्य पाठ करने से क्या आध्यात्मिक लाभ होता है? ▾
नित्य भक्तिभाव से स्मरण व पाठ करने से मन में शांति, एकाग्रता और सकारात्मक ऊर्जा का संचार होता है।