॥ पावन पाठ ॥
मैं हु गरीब साईं भगती का,
दो दान मुझे प्रेम भगती का,
तुझे अपने मन में देख लू ,
वह -ज्ञान दो ध्यान दो,
मैं किसकी को अपना बना साकू
मुझे एसी मधुर जुबान दो,
तेरे दर पे आया हु मैं साईं,
मुझको अंचल में अपने छिपा लेना,
मैं हु गरीब साईं भगती का,
दो दान मुझे प्रेम भगती का,