मेरा साईं है सबका प्यारा

पारंपरिक
श्री कृष्ण भजन साईं भजन krishna
॥ पावन पाठ ॥

मेरा साईं है सबका प्यारा,

मेरा साईं है सबका सहारा,

इनकी किरपा नजरे करम से होता है सबका उजारा,

साईं ब्रह्मा साईं है विष्णु साईं है कृष्ण प्यारा,

साईं भोला नाथ कहाए साईं खुदा है हमारा,

इसके हाथो में गीता कुरान है,

यही पावन है राम हमारा,

मेरा साईं है सबका प्यारा,

साईं हिरदय में सबके विराजे,

साईं है राजाओ के राजे ,

धरती पर जब पग चलते है बजते है ढोल और बाजे,

मेरा साईं सरताज प्यारा,

इसके चरणों में गंगा की धरा,

मेरा साईं है सबका प्यारा,

साईं की आँखों में ममता भरी है,

कोई बड़ा न कोई छोटा,

बिन मांगे सब कुछ मिल जाता क्यों करता है मन छोटा,

मेहता तू भी करले थोरी बिनती फिर मोका मिले गा कब दोबारा,

मेरा साईं है सबका प्यारा,

इस पावन रचना का पाठ कब और कैसे करना चाहिए? ▾
प्रातःकाल स्नान करके अथवा संध्याकाल में शांत चित्त होकर स्वच्छ आसन पर बैठकर पाठ करना परम फलदायी माना जाता है।
नित्य पाठ करने से क्या आध्यात्मिक लाभ होता है? ▾
नित्य भक्तिभाव से स्मरण व पाठ करने से मन में शांति, एकाग्रता और सकारात्मक ऊर्जा का संचार होता है।