जम्मू से आजा मेरी वैष्णो देवी मईया

पारंपरिक
माता दुर्गा भजन दुर्गा भजन durga
॥ पावन पाठ ॥

माँ जम्मू से आजा, मेरी वैष्णो देवी मईया,

तेरे चरण की धुल मिले तो, चल जाए जीवन नईया,

हो जय हो शेरोवाली, ऊँचे डेरोवाली।।

दिन रैन मैं तुझे पुकारू,

कब से तेरी राह निहारु,

सुना है तू सुनती है, घावों को तू भरती है,

मेरे जीवन को बना दे, मेरी मेहरोवाली मईया,

तेरे चरण की धुल मिले तो, चल जाए जीवन नईया,

हो जय हो शेरोवाली, ऊँचे डेरोवाली.....

सब खेल तुम्हारे मईया,

माँ तुम जीवन की खिवैया,

तुमसे प्रीत लगाई, मेरी बिगड़ी बात बनाई,

तेरा मैंने प्यार है पाया, ओ मेरी अम्बे मईया,

तेरे चरण की धुल मिले तो, चल जाए जीवन नईया,

हो जय हो शेरोवाली, ऊँचे डेरोवाली.....

इस पावन रचना का पाठ कब और कैसे करना चाहिए? ▾
प्रातःकाल स्नान करके अथवा संध्याकाल में शांत चित्त होकर स्वच्छ आसन पर बैठकर पाठ करना परम फलदायी माना जाता है।
नित्य पाठ करने से क्या आध्यात्मिक लाभ होता है? ▾
नित्य भक्तिभाव से स्मरण व पाठ करने से मन में शांति, एकाग्रता और सकारात्मक ऊर्जा का संचार होता है।