उद्धार करो गुरु मेरा

पारंपरिक
महादेव भजन गुरुदेव भजन shiv
॥ पावन पाठ ॥

उद्धार करो गुरु मेरा,

तेरे शुभ चरणों में आकर के,

गुरुदेव लगाया डेरा,

उद्धार करो गुरु मेरा,

उद्धार करो गुरु मेरा॥

तेरे चरणों मंदिर मस्जिद है,

गिरजा और शिवाले,

(गुरुदेव, गुरुदेव, गुरुदेव,)

मैं भटक रहा मोह माया में,

गुरु आकर मुझे बचा ले,

गुरु आकर मुझे बचा ले,

मैं ठोकर खाया हूँ जग से,

तुम हाथ पकड़ लो मेरा,

उद्धार करों गुरु मेरा,

उद्धार करो गुरु मेरा ॥

गुरु ह्रदय में मेरे वास करो,

कभी मुझसे दूर ना जाना,

(गुरुदेव, गुरुदेव, गुरुदेव,)

ये तन मन अपना सौंप तुम्हे,

अपना आदर्श है माना,

अपना आदर्श है माना,

ये ज्ञान का दर्शन फैलाओ,

मन के मंदिर से सवेरा,

उद्धार करों गुरु मेरा,

उद्धार करो गुरु मेरा॥

एक बार दया की दृष्टि से,

श्री गुरुवर करम करो ना,

(गुरुदेव, गुरुदेव, गुरुदेव,)

कोई और नहीं मैं हूँ ‘हितेश’,

मेरा कुछ तो ध्यान धरो ना,

मेरा कुछ तो ध्यान धरो ना,

मिलता रहे हम भक्तो को,

गुरुवर प्यार हमेशा तेरा,

उद्धार करों गुरु मेरा,

उद्धार करो गुरु मेरा ॥

तेरे शुभ चरणों में आकर के,

गुरुदेव लगाया डेरा,

उद्धार करो गुरु मेरा,

उद्धार करो गुरु मेरा ॥

इस पावन रचना का पाठ कब और कैसे करना चाहिए? ▾
प्रातःकाल स्नान करके अथवा संध्याकाल में शांत चित्त होकर स्वच्छ आसन पर बैठकर पाठ करना परम फलदायी माना जाता है।
नित्य पाठ करने से क्या आध्यात्मिक लाभ होता है? ▾
नित्य भक्तिभाव से स्मरण व पाठ करने से मन में शांति, एकाग्रता और सकारात्मक ऊर्जा का संचार होता है।