अखां खोला ते बोला जय माँ जय माँ

नरेन्द्र चंचल
माता दुर्गा भजन दुर्गा भजन durga
॥ पावन पाठ ॥

अखां खोला ते बोला जय माँ जय माँ जय माँ,

अखां खोला ते बोला जय माँ जय माँ जय माँ,

जदो चला ते बोला जय माँ जय माँ जय माँ,

अखां खोला ते बोला जय माँ जय माँ जय माँ,

जदो मैं बोला ते बोला जय माँ जय माँ जय माँ,

जदो मैं चला ते बोला जय माँ जय माँ जय माँ,

अखां खोला ते बोला जय माँ जय माँ जय माँ,

जदो चला ते बोला जय माँ जय माँ जय माँ,

अखां खोला ते बोला जय माँ जय माँ जय माँ......

जो वी मेरे सामने आये,

तेरीया सिफता ही कर जावा,

तेरियां महिमा दे गुण गावां, गा गा के मैं सबनु सुनावा,

सबनु जपावां तेरा नाम,

जय माँ जय माँ जय माँ जय माँ,

सबनु जपावां तेरा नाम,

जय माँ जय माँ जय माँ,

अखां खोला ते बोला जय माँ जय माँ जय माँ,

जदो चला ते बोला जय माँ जय माँ जय माँ,

अखां खोला ते बोला जय माँ जय माँ जय माँ.......

नहियो लगदा है दिल मेरा,

तेरे बिना है क्यो हनेरा,

तू चन्द्रमा सूरज मेरा, तू ही रात है तू ही सवेरा,

तू चन्द्रमा सूरज मेरा तू ही रात है तू ही सवेरा,

जिथे वेखा जिथे हर थाहं जय माँ जय माँ जय माँ,

अखां खोला ते बोला जय माँ जय माँ जय माँ,

जदो चला ते बोला जय माँ जय माँ जय माँ,

अखां खोला ते बोला जय माँ जय माँ जय माँ.......

हो कृपा तेरी है मशहूर,

मिले ता होया मैं भरपूर,

बिन मंगे तू सब कुछ दिता, कदे ना होया मैं मजबूर,

सब बच्चेया दी तू है माँ,

जय माँ जय माँ जय माँ जय माँ,

सब बच्चेया दी तू है माँ,

जय माँ जय माँ जय माँ जय माँ,

अखां खोला ते बोला जय माँ जय माँ जय माँ,

जदो चला ते बोला जय माँ जय माँ जय माँ,

अखां खोला ते बोला जय माँ जय माँ जय माँ......

इस पावन रचना का पाठ कब और कैसे करना चाहिए? ▾
प्रातःकाल स्नान करके अथवा संध्याकाल में शांत चित्त होकर स्वच्छ आसन पर बैठकर पाठ करना परम फलदायी माना जाता है।
नित्य पाठ करने से क्या आध्यात्मिक लाभ होता है? ▾
नित्य भक्तिभाव से स्मरण व पाठ करने से मन में शांति, एकाग्रता और सकारात्मक ऊर्जा का संचार होता है।