जय हो आद्यशक्ति जय माँ दुर्गा काली

पारंपरिक
माता दुर्गा भजन दुर्गा भजन durga
॥ पावन पाठ ॥

जय हो आद्यशक्ति जय माँ दुर्गा काली,

जय हो आद्यशक्ति जय माँ दुर्गा काली,

तीन लोक की माता तू है तीन लोक की दाता,

तीन लोक की माता तू है तीन लोक की दाता,

सबके कष्ट निवारण तू है तू ही भाग्य विधाता,

सबके कष्ट निवारण तू है तू ही भाग्य विधाता,

जय हो आद्यशक्ति जय माँ दुर्गा काली,

जय हो आद्यशक्ति जय माँ दुर्गा काली......

धरती तू है अम्बर तू है तू ही तारागण में,

जगत भगत में तू है दाती तू ही सबके मन में,

जय हो आद्यशक्ति जय माँ दुर्गा काली,

जय हो आद्यशक्ति जय माँ दुर्गा काली,

जय हो आद्यशक्ति जय माँ दुर्गा काली......

तू ही सहारा तू ही किनारा तू ही सबकी मंजिल,

तू ही मन मे तू ही तन में तू ही मंदिर जंगल,

जय हो आद्यशक्ति जय माँ दुर्गा काली,

जय हो आद्यशक्ति जय माँ दुर्गा काली,

जय हो आद्यशक्ति जय माँ दुर्गा काली......

जल में तू है थल में तू है तू ही नाव चलईया,

पीर समुंद्र तू है दाती सबकी पार लगईया,

जय हो आद्यशक्ति जय माँ दुर्गा काली,

जय हो आद्यशक्ति जय माँ दुर्गा काली,

जय हो आद्यशक्ति जय माँ दुर्गा काली......

पूर्व पश्चिम उत्तर दक्षिण तेरा रूप समाया,

दुर्गा तू है काली तू है तू ही योग माया,

जय हो आद्यशक्ति जय माँ दुर्गा काली,

जय हो आद्यशक्ति जय माँ दुर्गा काली,

जय हो आद्यशक्ति जय माँ दुर्गा काली......

तू ही शारदा तू ही वैष्णो तू ही काली शक्ति,

तू ही अराधना तू ही पालना तू ही कामना मन की,

जय हो आद्यशक्ति जय माँ दुर्गा काली,

जय हो आद्यशक्ति जय माँ दुर्गा काली,

जय हो आद्यशक्ति जय माँ दुर्गा काली......

इस पावन रचना का पाठ कब और कैसे करना चाहिए? ▾
प्रातःकाल स्नान करके अथवा संध्याकाल में शांत चित्त होकर स्वच्छ आसन पर बैठकर पाठ करना परम फलदायी माना जाता है।
नित्य पाठ करने से क्या आध्यात्मिक लाभ होता है? ▾
नित्य भक्तिभाव से स्मरण व पाठ करने से मन में शांति, एकाग्रता और सकारात्मक ऊर्जा का संचार होता है।