मुझे तेरा ही सहारा शेरोवाली माँ

पारंपरिक
माता दुर्गा भजन दुर्गा भजन durga
॥ पावन पाठ ॥

मुझे तेरा ही सहारा शेरोवाली माँ,

मुझे तेरा ही सहारा शेरोवाली माँ,

शेरोवाली माँ मेरी मेहरोंवाली माँ,

मुझे तेरा ही सहारा शेरोवाली माँ......

जन्म जन्म का हूं मैं पापी धर्म कर्म ना जानु,

जोती तेरी अमर है जगमग इतना मैं पहचानु,

तेरा नाम सदा प्यारा शेरोवाली माँ,

मुझे तेरा ही सहारा शेरोवाली माँ......

मेरे अवगुण माफ करो माँ मैं हूं औगण हारा,

चरण कमल का दे दो आसरा सेवक बनूं तिहारा,

तुझे दिल ने पुकारा शेरोवाली माँ,

मुझे तेरा ही सहारा शेरोवाली माँ.......

माँ बेटे का अमर है नाता जाने दुनिया सारी,

माता की मूरत है सांची मन मे छबि प्यारी,

तूने पापियों को तारा शेरोवाली माँ,

मुझे तेरा ही सहारा शेरोवाली माँ......

सच्ची ज्योत जगाओ मन मे दूर करो अंधेरा,

मन की आंखों से मैं देखूं ससुंदर द्वार तिहारा,

तेरा नाम सदा प्यारा शेरोवाली माँ,

मुझे तेरा ही सहारा शेरोवाली माँ.......

करूं तेरा जगराता अम्बे श्रद्धा दीप जलाऊँ,

जय माता की बोल बोल के जीवन सफल बनाऊं,

करो मेरा भी उद्वारा शेरोवाली माँ,

मुझे तेरा ही सहारा शेरोवाली माँ......

इस पावन रचना का पाठ कब और कैसे करना चाहिए? ▾
प्रातःकाल स्नान करके अथवा संध्याकाल में शांत चित्त होकर स्वच्छ आसन पर बैठकर पाठ करना परम फलदायी माना जाता है।
नित्य पाठ करने से क्या आध्यात्मिक लाभ होता है? ▾
नित्य भक्तिभाव से स्मरण व पाठ करने से मन में शांति, एकाग्रता और सकारात्मक ऊर्जा का संचार होता है।