मैया जी तुमसे अर्ज है

पारंपरिक
माता दुर्गा भजन दुर्गा भजन durga
॥ पावन पाठ ॥

मैया जी तुमसे अर्ज है कुछ ऐसा मेरा सुधार हो,

मैया जी तुमसे अर्ज है कुछ ऐसा मेरा सुधार हो,

इस तन मे तेरी तलाश हो इस मन तेरा ही प्यार हो,

मैया जी तुमसे अर्ज है कुछ ऐसा मेरा सुधार हो,

मैया जी तुमसे अर्ज है कुछ ऐसा मेरा सुधार हो......

तेरी चाह पे ही चढ़ा रहु तेरे द्वार पर पड़ा रहु,

चरणो अड़ा रहु चाहे कष्ट मुझे हजार हो,

मैया जी तुमसे अर्ज है कुछ ऐसा मेरा सुधार हो,

इस तन मे तेरी तलाश हो इस मन तेरा ही प्यार हो,

मैया जी तुमसे अर्ज है कुछ ऐसा मेरा सुधार हो,

मैया जी तुमसे अर्ज है कुछ ऐसा मेरा सुधार हो......

तुम्हे याद मै किया करु तुझे धन्यवाद किया करु,

नित नाम तेरा लिया करु तेरे नाम का खुमार हो,

मैया जी तुमसे अर्ज है कुछ ऐसा मेरा सुधार हो,

इस तन मे तेरी तलाश हो इस मन तेरा ही प्यार हो,

मैया जी तुमसे अर्ज है कुछ ऐसा मेरा सुधार हो,

मैया जी तुमसे अर्ज है कुछ ऐसा मेरा सुधार हो......

तेरा ध्यान मन मे बसा रहे रग रग मे नाम बसा रहे,

अनुराग का नशा रहे दिन रात नाम शुमार हो,

मैया जी तुमसे अर्ज है कुछ ऐसा मेरा सुधार हो,

इस तन मे तेरी तलाश हो इस मन तेरा ही प्यार हो,

मैया जी तुमसे अर्ज है कुछ ऐसा मेरा सुधार हो,

मैया जी तुमसे अर्ज है कुछ ऐसा मेरा सुधार हो......

चले प्राण तन से जो खूब कर,

अहसान खुद पे तू खूब कर,

प्रेम सिन्धु में डूबकर अब सिन्धु बिंदु भव से पार हो,

मैया जी तुमसे अर्ज है कुछ ऐसा मेरा सुधार हो,

इस तन मे तेरी तलाश हो इस मन तेरा ही प्यार हो,

मैया जी तुमसे अर्ज है कुछ ऐसा मेरा सुधार हो,

मैया जी तुमसे अर्ज है कुछ ऐसा मेरा सुधार हो......

इस पावन रचना का पाठ कब और कैसे करना चाहिए? ▾
प्रातःकाल स्नान करके अथवा संध्याकाल में शांत चित्त होकर स्वच्छ आसन पर बैठकर पाठ करना परम फलदायी माना जाता है।
नित्य पाठ करने से क्या आध्यात्मिक लाभ होता है? ▾
नित्य भक्तिभाव से स्मरण व पाठ करने से मन में शांति, एकाग्रता और सकारात्मक ऊर्जा का संचार होता है।