श्री बांके बिहारी लाल गोपाल

पारंपरिक
श्री कृष्ण भजन कृष्ण भजन krishna
॥ पावन पाठ ॥

श्री बांके बिहारी लाल गोपाल मन रखियो अपने चरनन में

मन रखियो अपने चरनन में मन रखियो श्री वृन्दावन में

तेरे शीश पे मुकुट विराज रहा

कानो में कुण्डल साज रहा

तेरे गल वैजन्ती माल, गोपाल

मन रखियो अपने चरनन में

तेरे नैनो में सुरमा साज रहा

तेरे मुख में वीणा राज रहा

तेरी थोडी में हिरा लाल, गोपाल

मन रखियो अपने चरनन में

तेरे हाथ लटुकिया साज रही,

पैरो में पजनियाँ बाज रही

तेरी मुरली करे निहाल,गोपाल

मन रखियो अपने चरनन में

श्री बांके बिहारी लाल गोपाल मन रखियो अपने चरनन में

इस पावन रचना का पाठ कब और कैसे करना चाहिए? ▾
प्रातःकाल स्नान करके अथवा संध्याकाल में शांत चित्त होकर स्वच्छ आसन पर बैठकर पाठ करना परम फलदायी माना जाता है।
नित्य पाठ करने से क्या आध्यात्मिक लाभ होता है? ▾
नित्य भक्तिभाव से स्मरण व पाठ करने से मन में शांति, एकाग्रता और सकारात्मक ऊर्जा का संचार होता है।