भोले नाथ को सम्मुख पाएगा

पारंपरिक
महादेव भजन शिव भजन shiv
॥ पावन पाठ ॥

भजन जो भाव से गाएगा,

तेरा दुख दूर हो जाएगा,

देखेगा जो नयनों से मन के,

भोले नाथ को सम्मुख पाएगा.....

मन में तेरे भक्ति भाव नहीं,

गिरा आँखों पे पर्दा माया का,

तुझे प्रभु मिलन का चाव नहीं,

क्या करना ऐसी नश्वर काया का,

माया सब धरी रह जाएगी,

तन धूल हो जाएगा,

देखेगा जो नयनों से मन के,

भोले नाथ को सम्मुख पाएगा,

भजन जो भाव से गाएगा.....

मन में अपने भक्ति जगाले,

ध्यान भाव और चिंतन से,

सुख सच्चे सारे मन तू पाले,

जपे जा नाम उनका मन से,

भक्ति मन में जगा के जो तू,

नाम चिंतन मन में जगाएगा,

देखेगा जो नयनों से मन के,

भोले नाथ को सम्मुख पाएगा,

भजन जो भाव से गाएगा......

जीवन सौंप दे चरणों में उनके,

सर्वस्व अपना अर्पण कर दे,

वैसे क्या है तेरा यहाँ रे बंदे,

सब उनका है समर्पण कर दे,

सौंप कर सब चरणों में उनके,

राजीव जीवन तेरा संवर जाएगा,

देखेगा जो नयनों से मन के,

भोले नाथ को सम्मुख पाएगा,

भजन जो भाव से गाएगा.....

© राजीव त्यागी

इस पावन रचना का पाठ कब और कैसे करना चाहिए? ▾
प्रातःकाल स्नान करके अथवा संध्याकाल में शांत चित्त होकर स्वच्छ आसन पर बैठकर पाठ करना परम फलदायी माना जाता है।
नित्य पाठ करने से क्या आध्यात्मिक लाभ होता है? ▾
नित्य भक्तिभाव से स्मरण व पाठ करने से मन में शांति, एकाग्रता और सकारात्मक ऊर्जा का संचार होता है।