अब याद लगाए हो कुछ काम किया होता

पारंपरिक
माता दुर्गा भजन दुर्गा भजन durga
॥ पावन पाठ ॥

अब याद लगाए हो कुछ काम किया होता,

ओ जरा दर के ठिकाने मन माँ का नाम लिया होता,

अब याद लगाए हो कुछ काम किया होता......

सांसो के ये मोती व्यर्था ना लुटे होते,

माँ का नाम अगर अम्रत जी भर के पिया होता,

अब याद लगाए हो कुछ काम किया होता......

सो साल का जीना भी माँ के नाम बिना व्यर्था,

जो भी किया होता माँ का नाम लिया होता,

अब याद लगाए हो कुछ काम किया होता......

इस जोश जवानी में हम संभल संभल चलते,

हीरा ये जन्म जो था यू ना बर्बाद किया होता,

अब याद लगाए हो कुछ काम किया होता.......

विरान सी बस्ती है मैया जी मेरे मन की,

इस उजड़े हुए गुल को गुलजार किया होता,

अब याद लगाए हो कुछ काम किया होता.......

इस पावन रचना का पाठ कब और कैसे करना चाहिए? ▾
प्रातःकाल स्नान करके अथवा संध्याकाल में शांत चित्त होकर स्वच्छ आसन पर बैठकर पाठ करना परम फलदायी माना जाता है।
नित्य पाठ करने से क्या आध्यात्मिक लाभ होता है? ▾
नित्य भक्तिभाव से स्मरण व पाठ करने से मन में शांति, एकाग्रता और सकारात्मक ऊर्जा का संचार होता है।