बजरंगबली चले आना

पारंपरिक
हनुमान जी भजन हनुमान भजन hanuman
॥ पावन पाठ ॥

विनती मेरी सुनके बजरंगबली चले आना,

मैं धरूं ध्यान तुम्हारा तुम बिगड़ी बना जाना,

विनती मेरी सुनके बजरंग बली चले आना.......

तुमको समझ के अपना मैं मन की बताता हूँ,

सबकी सुनते हो सो अपनी सुनाता हूँ,

सुनने मेरी भी भगवन व्यथा चले आना,

मैं धरूं ध्यान तुम्हारा तुम बिगड़ी बना जाना,

विनती मेरी सुनके बजरंग बली चले आना......

तुम बिन मेरे हनुमंत मेरा नहीं है कोई सहारा,

जीवन सारा अपना मैंने चरणों में तेरे वारा,

बनके सहारा मेरा सदा साथ निभाना,

मैं धरूं ध्यान तुम्हारा तुम बिगड़ी बना जाना,

विनती मेरी सुनके बजरंग बली चले आना.......

खता क्या हुई मुझसे क्यूं मुझसे है तू रूठा,

तेरी इस बेरुखी से देख दिल है मेरा टूटा,

भूल मेरी आकर बजरंगबली बता जाना,

मैं धरूं ध्यान तुम्हारा तुम बिगड़ी बना जाना,

विनती मेरी सुनके बजरंग बली चले आना.......

आँखों में भरे हैं आंसू मेरे प्रभु तरस खाओ,

करते हो सब पे करुणा मुझ पे भी बरस जाओ,

मेहर करने राजीव पर मेरे नाथ चले आना,

मैं धरूं ध्यान तुम्हारा तुम बिगड़ी बना जाना,

विनती मेरी सुनके बजरंग बली चले आना.......

इस पावन रचना का पाठ कब और कैसे करना चाहिए? ▾
प्रातःकाल स्नान करके अथवा संध्याकाल में शांत चित्त होकर स्वच्छ आसन पर बैठकर पाठ करना परम फलदायी माना जाता है।
नित्य पाठ करने से क्या आध्यात्मिक लाभ होता है? ▾
नित्य भक्तिभाव से स्मरण व पाठ करने से मन में शांति, एकाग्रता और सकारात्मक ऊर्जा का संचार होता है।