सत्य ही शिव है सबको बताऊं

पारंपरिक
महादेव भजन शिव भजन shiv
॥ पावन पाठ ॥

पुष्प चढ़ाऊं मंदिर मैं जाऊं,

शिव की धुन में, मैं रम जाऊं,

शिव स्तुति मन से मैं गाऊँ,

सत्य ही शिव है सबको बताऊं……….

शिव के ह्रदय श्री राम है बसते,

राम ह्रदय शिव जी है बस्ते,

दोनों बसते मेरे ह्रदय में,

शिव शंकर ही हनुमत मेरे…………

त्रेता युग में हनुमत बन के,

प्रभु श्री राम के भक्त कहाये,

द्वापर युग में योगी बनकर,

बाल कृष्ण से वे मिल आये….

संकट जब धरती पे आया,

भोले ने है सबको,

नीलकंठ वे हैं त्रिपुरारी,

उनसे होती भक्ति पूरी,

शिव के ह्रदय श्री राम है बसते,

राम ह्रदय शिव जी है बस्ते ,

दोनों बसते मेरे ह्रदय में,

शिव शंकर ही हनुमत मेरे………….

कालों के काल ये महाकाल हैं,

मृत्युंजय हैं मेरे शंकर,

गंगाधर है वो है दिगंबर,

बड़े कृपालु, वो हैं शिवेश्वर…

शिव के ह्रदय श्री राम है बसते,

राम ह्रदय शिव जी है बस्ते,

दोनों बसते मेरे ह्रदय में,

शिव शंकर ही हनुमत मेरे………

इस पावन रचना का पाठ कब और कैसे करना चाहिए? ▾
प्रातःकाल स्नान करके अथवा संध्याकाल में शांत चित्त होकर स्वच्छ आसन पर बैठकर पाठ करना परम फलदायी माना जाता है।
नित्य पाठ करने से क्या आध्यात्मिक लाभ होता है? ▾
नित्य भक्तिभाव से स्मरण व पाठ करने से मन में शांति, एकाग्रता और सकारात्मक ऊर्जा का संचार होता है।