म्हाने हिचकी आवे

पारंपरिक
श्री कृष्ण भजन खाटू श्याम भजन krishna
॥ पावन पाठ ॥

म्हाने हिचकी आवे,

छाजे पर बोले कालो कागलो,

म्हाने श्याम बुलावे,

याद करे है म्हारो सांवरो॥

सोऊ तो सुपने दिखे जी,

कोई बजा रह्यो है चंग,

भक्ता सागे मिल रह्यो,

कोई उड़ा रह्यो है रंग,

फागणियो आग्यो,

झाला देवे है म्हारो सांवरो,

म्हाने श्याम बुलावे,

याद करे है म्हारो सांवरो ॥

काम करूँ तो मन ना लगे जी,

म्हारो जीवड़ो उमड्यो जाए,

यूँ लागे सांवरियो म्हाने,

बगल खड्यो मुस्काए,

म्हने कुछ ना भावे,

जाऊं जटे ही दिखे सांवरो,

म्हाने श्याम बुलावे,

याद करे है म्हारो सांवरो॥

काली कोसा बस रह्यो जी,

म्हारे मनड़े रो चितचोर,

पंख नहीं तो उड़ जावती,

मैं सारा बंधन तोड़,

म्हारी सुध बिसराई,

नैन मिलाके म्हासे सांवरो,

म्हाने श्याम बुलावे,

याद करे है म्हारो सांवरो॥

दिल को तार मिल्यो दिल से,

तो श्याम हुया आधीन,

हो घुड़ले असवार,

आयो मन को मीत,

म्हारी प्रीत पिछाणी,

मिलने आयो है म्हासे सांवरो,

म्हाने श्याम बुलावे,

याद करे है म्हारो सांवरो॥

म्हाने हिचकी आवे,

छाजे पर बोले कालो कागलो,

म्हाने श्याम बुलावे,

याद करे है म्हारो सांवरो॥

इस पावन रचना का पाठ कब और कैसे करना चाहिए? ▾
प्रातःकाल स्नान करके अथवा संध्याकाल में शांत चित्त होकर स्वच्छ आसन पर बैठकर पाठ करना परम फलदायी माना जाता है।
नित्य पाठ करने से क्या आध्यात्मिक लाभ होता है? ▾
नित्य भक्तिभाव से स्मरण व पाठ करने से मन में शांति, एकाग्रता और सकारात्मक ऊर्जा का संचार होता है।