एक बार हमसे साँवरे नजरे मिलाइये

पारंपरिक
श्री कृष्ण भजन कृष्ण भजन krishna
॥ पावन पाठ ॥

एक बार हमसे साँवरे नजरे मिलाइये,

नजरे मिलके श्याम जरा मुस्कुराइए।।

नजरे हमारी आपकी चौखट पे है अड़ी,

फिर भी निहारे राह बिचारी खड़ी खड़ी,

नजरो पर कर रहम इन्हे अब ना सताइये।।

दिल को तो हमने आपके चरणों में रख दिया,

दुनिया हमारी आप है इतना समझ लिया,

अब आप अपने हाथ से इसको सजाइये।।

ये जान कर भी आप यहीं आस पास है,

फिर भी समझ ना आवे ये दिल क्यों उदास है,

जज्बात दिल के जान जरा पास आइये।।

प्रहलाद सा बनूँ प्रभु हनुमत सी शक्ति हो,

गाउँ भजन मैं झूम के मीरा सी मस्ती हो,

‘नन्दू’ गले से अपने मुझको लगाइये।।

एक बार हमसे साँवरे नजरे मिलाइये,

नजरे मिलके श्याम जरा मुस्कुराइए।।

इस पावन रचना का पाठ कब और कैसे करना चाहिए? ▾
प्रातःकाल स्नान करके अथवा संध्याकाल में शांत चित्त होकर स्वच्छ आसन पर बैठकर पाठ करना परम फलदायी माना जाता है।
नित्य पाठ करने से क्या आध्यात्मिक लाभ होता है? ▾
नित्य भक्तिभाव से स्मरण व पाठ करने से मन में शांति, एकाग्रता और सकारात्मक ऊर्जा का संचार होता है।