अम्बिके तू हमारी माता है

पारंपरिक
माता दुर्गा भजन दुर्गा भजन durga
॥ पावन पाठ ॥

अम्बिके तू हमारी माता है,

अपना तेरा जन्म जन्म का नाता है,

अम्बिके तू हमारी माता है,

अपना तेरा जन्म जन्म का नाता है,

तेरे द्वार आए बिन,

दर्श तेरा पाए बिन,

दिल ये हमारा चैन पाए ना,

अम्बिके तू हमारी माता है,

दिल तबी गुन तुम्हारे गाता है,

तेरी माला तेरे बिन,

किसी पल किसी छिन,

दिल ये हमारा चैन पाए ना,

अम्बिके तू हमारी माता है,

अपना तेरा जन्म जन्म का नाता है....

मन को लगी है लगन तुम्हारी,

हर धड़कन तेरा नाम रटे माँ,

हो..

मन को लगी है लगन तुम्हारी,

हर धड़कन तेरा नाम रटे माँ,

ज्योति का जब पौन उजाला,

हर अंधियारा दूर हटे मां,

तेरे चरणों पे जब शीश हूं धरता,

खाली ये दामन है खुशियों से भरता,

कहे मेरे नस नास,

ममता की मीठा रस,

तेरे शिव कोई बरसाए ना,

अम्बिके तू हमारी माता है,

अपना तेरा जन्म जन्म का नाता है....

जीवन के इस नील गगन में,

तूने हमेंं मां उड़ना सिखाया,

जीवन के इस नील गगन में,

तूने हमेंं मां उड़ना सिखाया,

कांटों की भी सेज पे सोके,

हम सबको है हसना सिखाया,

तू हमारी है मां हम तुम्हारे हैं,

तेरी आँखों के मां हम सब तारे हैं,

तेरे सिवा और मां,

किसी भी तो थोर मां,

कोई भी जहान में मां भाए ना,

अम्बिके तू हमारी माता है,

अपना तेरा जन्म जन्म का नाता है,

तेरे द्वार आए बिन,

दर्श तेरा पाए बिन,

दिल ये हमारा चैन पाए ना,

अम्बिके तू हमारी माता है,

अपना तेरा जन्म जन्म का नाता है,

अम्बिके तू हमारी माता है,

अपना तेरा जन्म जन्म का नाता है......

इस पावन रचना का पाठ कब और कैसे करना चाहिए? ▾
प्रातःकाल स्नान करके अथवा संध्याकाल में शांत चित्त होकर स्वच्छ आसन पर बैठकर पाठ करना परम फलदायी माना जाता है।
नित्य पाठ करने से क्या आध्यात्मिक लाभ होता है? ▾
नित्य भक्तिभाव से स्मरण व पाठ करने से मन में शांति, एकाग्रता और सकारात्मक ऊर्जा का संचार होता है।