शिवजी गणेश माये विष्णु ते शेष माये

पारंपरिक
श्री गणेश भजन दुर्गा भजन ganesh
॥ पावन पाठ ॥

शिवजी गणेश माये विष्णु ते शेष माये,

शिवजी गणेश माये विष्णु ते शेष माये,

करदे ने पूजा तेरी ब्रह्मा जी ते राम है,

भगता प्यारेयां नु दाती दे जयकारेयां नु,

ऊँचेया द्वारेयां नु मेरा प्रणाम है,

मेरा प्रणाम दाती मेरा प्रणाम है,

मेरा प्रणाम दाती मेरा प्रणाम है,

मेरा प्रणाम दाती मेरा प्रणाम है,

शिवजी गणेश माये विष्णु ते शेष माये......

सोहणे तेरे भवना नु माये मेरा सजदा ए,

दीद कर मंदिरा दी मन नहियो रजदा ए,

अम्बे सरकार दी माँ दे दरबार दी,

जग विच शान है जग विच शान है,

भगता प्यारेयां नु दाती दे जयकारेयां नु,

ऊँचेया द्वारेयां नु मेरा प्रणाम है,

मेरा प्रणाम दाती मेरा प्रणाम है,

मेरा प्रणाम दाती मेरा प्रणाम है,

मेरा प्रणाम दाती मेरा प्रणाम है,

शिवजी गणेश माये विष्णु ते शेष माये......

शक्ति है तेरी ता शीश माँ झुकान्दे ने,

देवी देव साधु संत महिमा तेरी गाउंदे ने,

आये नवरात्रेया च माँ दे जगरातेयां च,

हुन्दा गुणगान ए हुन्दा गुणगान ए,

भगता प्यारेयां नु दाती दे जयकारेयां नु,

ऊँचेया द्वारेयां नु मेरा प्रणाम है,

मेरा प्रणाम दाती मेरा प्रणाम है,

मेरा प्रणाम दाती मेरा प्रणाम है,

मेरा प्रणाम दाती मेरा प्रणाम है,

शिवजी गणेश माये विष्णु ते शेष माये......

भगत प्यारे नु माँ चरणा दा ध्यान दिता,

बच्चड़े निमाणे नु तू भक्ति दा ध्यान दिता,

खुशियां लै आवे जो बेड़े पार लावे जो,

मईया तेरा नाम है मईया तेरा नाम है,

भगता प्यारेयां नु दाती दे जयकारेयां नु,

ऊँचेया द्वारेयां नु मेरा प्रणाम है,

मेरा प्रणाम दाती मेरा प्रणाम है,

मेरा प्रणाम दाती मेरा प्रणाम है,

मेरा प्रणाम दाती मेरा प्रणाम है,

शिवजी गणेश माये विष्णु ते शेष माये.....

इस पावन रचना का पाठ कब और कैसे करना चाहिए? ▾
प्रातःकाल स्नान करके अथवा संध्याकाल में शांत चित्त होकर स्वच्छ आसन पर बैठकर पाठ करना परम फलदायी माना जाता है।
नित्य पाठ करने से क्या आध्यात्मिक लाभ होता है? ▾
नित्य भक्तिभाव से स्मरण व पाठ करने से मन में शांति, एकाग्रता और सकारात्मक ऊर्जा का संचार होता है।