वैष्णवी अद्भुत नजारा मां तेरे द्वारे पे है

पारंपरिक
माता दुर्गा भजन दुर्गा भजन durga
॥ पावन पाठ ॥

अंबे माँ...दुर्गे माँ...

वैष्णवी अद्भुत नजारा माँ तेरे द्वारे पे है,

बेसहारों को सहारा माँ तेरे द्वारे पर है,

वैष्णवी अद्भुत नजारा माँ तेरे द्वारे पे है.....

जगत की रुसवाईयों को दूर करने के लिए,

बाण गंगा की ये धारा माँ तेरे द्वारे पे है,

वैष्णवी अद्भुत नजारा मां तेरे द्वारे पे है,

बेसहारों को सहारा मां तेरे द्वारे पे है.....

झांकियां तेरे भवन की कर रहे सब देव गण,

आ गया बैकुंठ सारा माँ तेरे द्वारे पे है,

वैष्णवी अद्भुत नजारा माँ तेरे द्वारे पे है,

बेसहारों को सहारा माँ तेरे द्वारे पे है,

वैष्णवी अद्भुत नजारा माँ तेरे द्वारे पे है......

अब कहां जाऊं मैं मैया, तेरे दर को छोड़कर,

मेरे जीवन का गुजारा, माँ तेरे द्वारे पर है,

वैष्णवी अद्भुत नजारा माँ तेरे द्वारे पे है,

बेसहारों को सहारा माँ तेरे द्वारे पे है,

वैष्णवी अद्भुत नजारा माँ तेरे द्वारे पे है......

मैं भला हूं या बुरा हूं पर तुम्हारा हूं सदा,

अब तो जीवन का किनारा माँ तेरे द्वारे पर है,

वैष्णवी अद्भुत नजारा माँ तेरे द्वारे पे है,

बेसहारों को सहारा माँ तेरे द्वारे पे है,

वैष्णवी अद्भुत नजारा माँ तेरे द्वारे पे है......

इस पावन रचना का पाठ कब और कैसे करना चाहिए? ▾
प्रातःकाल स्नान करके अथवा संध्याकाल में शांत चित्त होकर स्वच्छ आसन पर बैठकर पाठ करना परम फलदायी माना जाता है।
नित्य पाठ करने से क्या आध्यात्मिक लाभ होता है? ▾
नित्य भक्तिभाव से स्मरण व पाठ करने से मन में शांति, एकाग्रता और सकारात्मक ऊर्जा का संचार होता है।