आँखों को इंतज़ार है मैया जी आपका

पारंपरिक
माता दुर्गा भजन दुर्गा भजन durga
॥ पावन पाठ ॥

आँखों को इंतज़ार है मैया जी आपका,

आँखों को इंतज़ार है मैया जी आपका,

ना जाने होगा कब हमें दीदार आपका,

आँखों को इंतज़ार है मैया जी आपका.....

विनती स्वीकार हो न हो, दर पे पड़ा रहूँ माँ,

मैं दोनों हाथ जोड़कर सन्मुख खड़ा रहूँ माँ,

जाऊं कहाँ मैं छोड़कर..

जाऊं कहाँ मैं छोड़कर दरबार आपका,

आँखों को इंतज़ार है मैया जी आपका.....

आया हूँ तेरे द्वार पर मुझको संभालिये,

दर्शन की आस दिल में है, खाली ना टालिए,

ईक रोज छोड़ जाएंगे..

ईक रोज छोड़ जाएंगे संसार आपका,

आँखों को इंतज़ार है मैया जी आपका.....

मैया जी तेरे द्वार पर कोई कमी नही,

जो तेरे दर पे है मैया ओर कही नही,

मेरा यही है आसरा..

मेरा यही है आसरा दरबार आप का,

आँखों को इंतज़ार है मैया जी आपका......

माँ जीवन की डोर बंध गयी, अब तेरे नाम से,

पहचान मेरी बन गई अब तेरे धाम से,

हो जाये मैया मुझ पे भी..

हो जाये मैया मुझ पे भी उपकार आपका,

आँखों को इंतज़ार है मैया जी आपका......

इस पावन रचना का पाठ कब और कैसे करना चाहिए? ▾
प्रातःकाल स्नान करके अथवा संध्याकाल में शांत चित्त होकर स्वच्छ आसन पर बैठकर पाठ करना परम फलदायी माना जाता है।
नित्य पाठ करने से क्या आध्यात्मिक लाभ होता है? ▾
नित्य भक्तिभाव से स्मरण व पाठ करने से मन में शांति, एकाग्रता और सकारात्मक ऊर्जा का संचार होता है।