तैनू लबेया गवा के जग सारा

पारंपरिक
माता दुर्गा भजन दुर्गा भजन durga
॥ पावन पाठ ॥

तैनू लबेया गवा के जग सारा तू सुन मैया शेरांवालीए,

माँ लाई ना अज वी लारा तू सुन मैया शेरांवालीए,

तैनू लबेया गवा के जग सारा......

तेरे जेहा जग विच वेखेया ना कोई माँ,

वेखेया ना कोई माँ, वेखेया ना कोई माँ,

तेरी याद विच सदा रहन्दी हा मैं खोई माँ,

रहन्दी हा मैं खोई माँ, रहन्दी हा मैं खोई माँ,

सानु तेरा ही, सानु तेरा ही सानु तेरा ही अम्बिये सहारा,

तू सुन मैया मेहरावालियें तैनू लबेया गवा के जग सारा,

तू सुन मैया शेरांवालीए माँ लाई ना अज वी लारा,

तू सुन मैया शेरांवालीए तैनू लबेया गवा के जग सारा...

तू मेरे नाल है ते सब मेरे नाल माँ,

सब मेरे नाल माँ, सब मेरे नाल माँ,

हर वेले रहन्दा मैनु तेरा ही ख्याल माँ,

तेरा ही ख्याल माँ, तेरा ही ख्याल माँ,

तेरे बिना साडा, तेरे बिना साडा तेरे बिना साडा कदे ना गुजारा,

तू सुन मैया शेरांवालीए तैनू लबेया गवा के जग सारा,

तू सुन मैया शेरांवालीए माँ लाई ना अज वी लारा,

तू सुन मैया शेरांवालीए तैनू लबेया गवा के जग सारा......

तेरे बगैर साडा लगदा ना जी माँ,

लगदा ना जी माँ, लगदा ना जी माँ,

पता नहियो ऐथे आ के हुंदा मैनु की माँ,

हुंदा मैनु की माँ, हुंदा मैनु की माँ,

एहो जेहा नहियो, एहो जेहा नहियो,

एहो जेहा नहियो वेखेया नजारा तू सुन मैया शेरांवालीए,

तैनू लबेया गवा के जग सारा,

तू सुन मैया शेरांवालीए माँ लाई ना अज वी लारा,

तू सुन मैया शेरांवालीए तैनू लबेया गवा के जग सारा......

अखियां च तू मेरे साहवाँ विच तू है,

साहवाँ विच तू है साहवाँ विच तू है,

दर्शी दे साहवाँ विच झण्डेवाली तू है,

झण्डेवाली तू है, झण्डेवाली तू है,

तेरा दर मैनु, तेरा दर मैनु तेरा दर मैनु बड़ा ही प्यारा,

तू सुन मैया शेरांवालीए तैनू लबेया गवा के जग सारा,

तू सुन मैया शेरांवालीए माँ लाई ना अज वी लारा,

तू सुन मैया शेरांवालीए तैनू लबेया गवा के जग सारा.....

इस पावन रचना का पाठ कब और कैसे करना चाहिए? ▾
प्रातःकाल स्नान करके अथवा संध्याकाल में शांत चित्त होकर स्वच्छ आसन पर बैठकर पाठ करना परम फलदायी माना जाता है।
नित्य पाठ करने से क्या आध्यात्मिक लाभ होता है? ▾
नित्य भक्तिभाव से स्मरण व पाठ करने से मन में शांति, एकाग्रता और सकारात्मक ऊर्जा का संचार होता है।