पाईयां तेरे दर तो माँ रहमता हजारा

पारंपरिक
माता दुर्गा भजन दुर्गा भजन durga
॥ पावन पाठ ॥

पाईयां तेरे दर तो माँ रहमता हजारा,

शुक्रगुजार आं तेरा शुक्रगुजार आं,

पाईयां तेरे दर तो माँ.......

रहमता नु वेख अँखां हँस पईयाँ रोदीआं,

ईनी कीती मेहर मेरे तो सिफता ना होदीआं,

बार बार बोलदीआं दिल दीयां तारा,

शुक्रगुजार आं तेरा शुक्रगुजार आं,

पाईयां तेरे दर तो......

कोडीआं दा मुल नहीं सी हीरेया दा पै गया,

जदो दा मै दाती तेरे दर ऊते आ गया,

क्यों ना मैया तेरे ऊते मै तन मन वारा,

शुक्रगुजार आं तेरा शुक्रगुजार आं,

पाईयां तेरे दर तो.......

दर दर रूलेआ सी किसे ना सभांलेया,

तुसां कीती मेहर मैनु चरणां विच ला लया,

सुख देंवे दुख देंवे झोली विच्च पा लवां,

दुखा नु वी दातिये मैं सुखा नाल सह लवां,

पाईयां तेरे दर तो......

इस पावन रचना का पाठ कब और कैसे करना चाहिए? ▾
प्रातःकाल स्नान करके अथवा संध्याकाल में शांत चित्त होकर स्वच्छ आसन पर बैठकर पाठ करना परम फलदायी माना जाता है।
नित्य पाठ करने से क्या आध्यात्मिक लाभ होता है? ▾
नित्य भक्तिभाव से स्मरण व पाठ करने से मन में शांति, एकाग्रता और सकारात्मक ऊर्जा का संचार होता है।