नही तो थारे नजर लग जावे गी

पारंपरिक
श्री कृष्ण भजन खाटू श्याम भजन krishna
॥ पावन पाठ ॥

काजल टीको लगवले लुन राइ कर वाले,

नही तो थारे नजर लग जावे गी,

सज धज के आज बाबा तू बनरो सो लागे,

चन्दा सूरज तेरे आगे फीका फीका लागे,

थोड़ो ठुत्का गग्वाले तेल बाती जलवाले,

नही तो थाने नजर......

ज़री को पेचो बांध के जब तू मंद मंद मुसकावे,

मत न पूछे प्रेमिया का हाल क्या हो जावे,

इनकी धूलि चट वाले थोड़ी मिर्ची वल्वाले,

नही तो थाने नजर......

सतरंगी है भागो तेरो सतरंगी है पटको,

रूप सुहानो देख के बाबा माहने लगे झटको,

कालो धागा बंध व ले निम्बू मिर्ची लटकावाले,

नही तो थाने नजर......

तू जाने है भगत ये तेरी एक झलक ने तरसे,

मोको मिलता ही ये ताने टुकर टुकर कर निरहे,

खुद ने नजरा से बचाले थोरो परदों तू लगवले,

नही तो थाने नजर......

मोर छड़ी को भगता के तो झाड़ो लगावे,

एसा न हो तेरे ही झाडो देना पड़ जावे,

बालू से मंत्र पदवाले एक ताबित बंध बाले,

नही तो थाने नजर......

इस पावन रचना का पाठ कब और कैसे करना चाहिए? ▾
प्रातःकाल स्नान करके अथवा संध्याकाल में शांत चित्त होकर स्वच्छ आसन पर बैठकर पाठ करना परम फलदायी माना जाता है।
नित्य पाठ करने से क्या आध्यात्मिक लाभ होता है? ▾
नित्य भक्तिभाव से स्मरण व पाठ करने से मन में शांति, एकाग्रता और सकारात्मक ऊर्जा का संचार होता है।