मनवा सतगुरु सतगुरु बोल

पारंपरिक
अन्य भजन गुरुदेव भजन bhajan
॥ पावन पाठ ॥

गुरु बिना नईया डामाडोल मनवा सतगुरु सतगुरु बोल.......

जब मानव तू कर्म में आयो,

तने बोले बोल अमोल, मनवा सतगुरु सतगुरु बोल.....

जब मानव तेरा जन्म हुआ है,

तेरे बजे नगाड़े ढोल, मनवा सतगुरु सतगुरु बोल.....

जब मानव तुम्हें आई जवानी,

तने समझो ना कोई मोल, मनवा सतगुरु सतगुरु बोल.....

जब मानव तेरा आयो बुढ़ापो,

तेरा समझा ना कोई मोल, मनवा सतगुरु सतगुरु बोल......

यम के दूत लेने को आए,

तेरी वही खुलेगी पोल, मनवा सतगुरु सतगुरु बोल.....

जब तेरा प्रभु लेखा मांगे,

तेरी नस-नस देंगे खोल, मनवा सतगुरु सतगुरु बोल......

इस पावन रचना का पाठ कब और कैसे करना चाहिए? ▾
प्रातःकाल स्नान करके अथवा संध्याकाल में शांत चित्त होकर स्वच्छ आसन पर बैठकर पाठ करना परम फलदायी माना जाता है।
नित्य पाठ करने से क्या आध्यात्मिक लाभ होता है? ▾
नित्य भक्तिभाव से स्मरण व पाठ करने से मन में शांति, एकाग्रता और सकारात्मक ऊर्जा का संचार होता है।