बजरंग बाला लाओ रे सजीवन बूटी

पारंपरिक
हनुमान जी भजन हनुमान भजन hanuman
॥ पावन पाठ ॥

बजरंग बाला द्रोणागिरी जाओ जी,

वहां से लाओ रे सजीवन बूटी.....

श्री राम जी मोहे रंग बता दो जी,

कैसी तो लागे रे संजीवन बूटी,

बजरंग बाला द्रोणागिरी जाओ जी,

वहां से लाओ रे सजीवन बूटी.....

हनुमत प्यारे हरी हरी पाती रे,

सोने सी चमके संजीवन बूटी,

बजरंग बाला द्रोणागिरी जाओ जी,

वहां से लाओ रे सजीवन बूटी.....

बजरंगी बाला द्रोणागिरी पहुंचे रे,

वहां पतो ना लागो रे संजीवन बूटी,

बजरंग बाला द्रोणागिरी जाओ जी,

वहां से लाओ रे सजीवन बूटी.....

बजरंगी बाला पहाड़ उठायो जी,

वह लेकर आए जी संजीवन बूटी,

बजरंग बाला द्रोणागिरी जाओ जी,

वहां से लाओ रे सजीवन बूटी.....

भरत जी ने तीर जो मारो जी,

वह बीच में रह गई रे संजीवन बूटी,

बजरंग बाला द्रोणागिरी जाओ जी,

वहां से लाओ रे सजीवन बूटी.....

रघुवर जी म्हारे रुदन मचावे जी,

बजरंगी ना लाए संजीवन बूटी,

बजरंग बाला द्रोणागिरी जाओ जी,

वहां से लाओ रे सजीवन बूटी.....

श्री हनुमत प्यारे संजीवन लाए जी,

सुषेण वैद्य को पकड़ाई रे संजीवन बूटी,

बजरंग बाला द्रोणागिरी जाओ जी,

वहां से लाओ रे सजीवन बूटी.....

श्री राम जी प्यारे घोट पिलावे जी,

लक्ष्मण जी पी गए रे संजीवन बूटी,

बजरंग बाला द्रोणागिरी जाओ जी,

वहां से लाओ रे सजीवन बूटी.....

हनुमत जी म्हारी लाज बचाई जी,

भैया से मिलावे रे संजीवन बूटी,

बजरंग बाला द्रोणागिरी जाओ जी,

वहां से लाओ रे सजीवन बूटी.....

इस पावन रचना का पाठ कब और कैसे करना चाहिए? ▾
प्रातःकाल स्नान करके अथवा संध्याकाल में शांत चित्त होकर स्वच्छ आसन पर बैठकर पाठ करना परम फलदायी माना जाता है।
नित्य पाठ करने से क्या आध्यात्मिक लाभ होता है? ▾
नित्य भक्तिभाव से स्मरण व पाठ करने से मन में शांति, एकाग्रता और सकारात्मक ऊर्जा का संचार होता है।