कहां छुपे हो भोले बाबा

पारंपरिक
महादेव भजन शिव भजन shiv
॥ पावन पाठ ॥

कहां छुपे हो भोले बाबा भारत में कब आओगे,

कहां बजेगा डमरु तेरा, आकर हमें बचाओगे,

बम बम बम बम भोले बाबा भारत में कब आओगे.....

करो नजर मैहर की बाबा धूनी कहां रमाओगे,

रास्ता साफ करा दूं बाबा जो कैलाश पर आओगे,

बांध के घुंघरू पैरों में तुम तांडव नाच दिखाओगे,

कहां छुपे हो भोले बाबा भारत में कब आओगे.....

गुफा सजा दूं अमरनाथ की जहां विश्राम तुम्हारा है,

बैठकर गोरा माता को तुम अमर कथा सुनाओगे,

कहां छुपे हो भोले बाबा भारत में कब आओगे.......

द्वार सजा दूं हरिद्वार के जहां ससुराल तुम्हारी है,

चढ़के नादिया गोरा वाहन को तुम यहां पर आओगे,

कहां छुपे हो भोले बाबा भारत में कब आओगे......

अब तो दरस दिखा दो बाबा मैं हूं दर्शन की प्यासी,

आस लगाए बैठी मुझको और कितना तड़पाओगे,

कहां छुपे हो भोले बाबा भारत में कब आओगे.....

बद्री और केदारनाथ पर भांग धतूरा मैं बोऊ,

लेकर कुंडी सोटा हाथ में जहां पर भोग लगाओगे,

कहां छुपे हो भोले बाबा भारत में कब आओगे......

इस पावन रचना का पाठ कब और कैसे करना चाहिए? ▾
प्रातःकाल स्नान करके अथवा संध्याकाल में शांत चित्त होकर स्वच्छ आसन पर बैठकर पाठ करना परम फलदायी माना जाता है।
नित्य पाठ करने से क्या आध्यात्मिक लाभ होता है? ▾
नित्य भक्तिभाव से स्मरण व पाठ करने से मन में शांति, एकाग्रता और सकारात्मक ऊर्जा का संचार होता है।