मैंने तेरे भरोसे हनुमान नाव पानी में छोड़ दई

पारंपरिक
हनुमान जी भजन हनुमान भजन hanuman
॥ पावन पाठ ॥

मैंने तेरे भरोसे हनुमान नाव पानी में छोड़ दई,

नाव पानी में छोड़ दई, नाव पानी में छोड़ दई.....

काहे की नाव बनाई,

काहे की पतवार बनाई,

काहे की जंजीर नाव पानी में छोड़ दई....

लकड़ी की नाव बनाई,

चंदन की पतवार बनाई,

लोहे की जंजीर नाव पानी में छोड़ दई....

कौन नाव में बैठने वाले,

कौन नाव को खेवन हारे,

कौन लगावे बेड़ा पार नाव पानी में छोड़ दई.....

सीता माता बैठन वारी,

लक्ष्मण भैया खेवन हारे,

राम लगावे बेड़ा पार नाव पानी में छोड़ दई......

इस पावन रचना का पाठ कब और कैसे करना चाहिए? ▾
प्रातःकाल स्नान करके अथवा संध्याकाल में शांत चित्त होकर स्वच्छ आसन पर बैठकर पाठ करना परम फलदायी माना जाता है।
नित्य पाठ करने से क्या आध्यात्मिक लाभ होता है? ▾
नित्य भक्तिभाव से स्मरण व पाठ करने से मन में शांति, एकाग्रता और सकारात्मक ऊर्जा का संचार होता है।