हरे कृष्णा हरे कृष्णा कृष्णा कृष्णा हरे हरे

पारंपरिक
श्री कृष्ण भजन कृष्ण भजन krishna
॥ पावन पाठ ॥

हरे कृष्णा हरे कृष्णा कृष्णा कृष्णा हरे हरे,

हरे रामा हरे रामा रामा रामा हरे हरे ……….

रूह को मेरी सुकून सा है आया,

जबसे है नाम तेरा लबों पे है आया,

भूल गया इस माया रुपी दुनिया को,

धन्य हुआ जो तेरी शरण में आया ……….

हरे कृष्णा हरे कृष्णा कृष्णा कृष्णा हरे हरे,

हरे रामा हरे रामा रामा रामा हरे हरे,

हरे कृष्णा हरे कृष्णा कृष्णा कृष्णा हरे हरे,

हरे रामा हरे रामा रामा रामा हरे हरे....

झूठन खाके तेरी तुझको रिझाऊ,

मन मंदिर में हरि तुमको सजाऊ,

जग से परे है नाता मेरा तुम्हारा,

जिसको पुकारूं आए नाम तिहारा,

भवसागर से उद्धार करो तुम,

मेरी नैया पार करो तुम,

जितने भी विकार हैं मुझमें,

उन सबका संघार करो तुम,

भक्ति की मेरी कोई सीमा नहीं है,

सब कुछ है तेरा मेरा कुछ भी नहीं है,

प्रेम का अब आह्वान करो तुम,

प्रेम का अब आह्वान करो तुम……………..

तेरे दर पे आके सांवरे,

मैं तेरा हो गया सांवरे,

थी जितनी भी मेरी मुश्किलें,

उनका हल हो गया सांवरे,

श्याम रूप मन बसे बिराजे,

मोर-मुकुट पीताम्बर साजे,

कृष्ण- कृष्ण तेरा नाम जपु मैं,

तन भक्ति में झूमे नाचे,

माखन- चोर तूही गिरधारी,

प्रेम श्रोत के तुम अवतारी,

बिन राधा के लगते आधे,

श्याम पुकारे राधे राधे,

मन मेरा बोले राधे राधे,

दिल मेरा बोले राधे राधे,

हरि बोल

हरे कृष्णा हरे कृष्णा कृष्णा कृष्णा हरे हरे,

हरे रामा हरे रामा रामा रामा हरे हरे,

हरे कृष्णा हरे कृष्णा कृष्णा कृष्णा हरे हरे,

हरे रामा हरे रामा रामा रामा हरे हरे……

इस पावन रचना का पाठ कब और कैसे करना चाहिए? ▾
प्रातःकाल स्नान करके अथवा संध्याकाल में शांत चित्त होकर स्वच्छ आसन पर बैठकर पाठ करना परम फलदायी माना जाता है।
नित्य पाठ करने से क्या आध्यात्मिक लाभ होता है? ▾
नित्य भक्तिभाव से स्मरण व पाठ करने से मन में शांति, एकाग्रता और सकारात्मक ऊर्जा का संचार होता है।