झाड़ो दे दे श्याम जाटणी मर जाएगी

पारंपरिक
श्री कृष्ण भजन खाटू श्याम भजन krishna
॥ पावन पाठ ॥

मरेगी किस्मत से,

नाम तेरा करज्यागी,

झाड़ो दे दे श्याम,

जाटणी मर जाएगी,

नई जाटणी कठे से ल्याऊँ,

या मुश्किल से ल्याया,

खर्चो बहोत पड़े से बाबा,

दूजो ब्याह कराया,

छोड़ चलो जाऊंगा,

गले तेरे पड़ ज्यागी,

झाडो दे दे श्याम,

जाटणी मर जाएगी,

मरेगी किस्मत से,

नाम तेरा करज्यागी,

झाडो दे दे श्याम,

जाटणी मर जाएगी,

जद से ब्याह कराया बाबा,

पड्या गला में फंदा,

डॉक्टर वेद कराता डोलूँ,

छूट गया सब धंधा,

या जाती जाती भी,

आफत कर ज्यागी,

झाडो दे दे श्याम,

जाटणी मर जाएगी,

मरेगी किस्मत से,

नाम तेरा करज्यागी,

झाडो दे दे श्याम,

जाटणी मर जाएगी,

मरया बाद या के बोलेगी,

दुनिया बोलण लागे,

खाटु माहि मरी जाटणी,

श्याम धणी के आगे,

जाटणी सस्ती से,

की महँगी पड़ ज्यागी,

झाडो दे दे श्याम,

जाटणी मर जाएगी।

मरेगी किस्मत से,

नाम तेरा करज्यागी,

झाडो दे दे श्याम,

जाटणी मर जाएगी,

मेरी जाटणी बड़ी से ठाड़ी,

पड़े तेरे पे भारी,

तेरी भलाई इसी में बाबा,

कर दे दूर बीमारी,

उठाले मोर छड़ी,

लाज तेरी बच ज्यागी,

झाडो दे दे श्याम,

जाटणी मर जाएगी,

मरेगी किस्मत से,

नाम तेरा करज्यागी,

झाडो दे दे श्याम,

जाटणी मर जाएगी,

‘बनवारी’ तेरी मोरछड़ी का,

भगत मचावे हल्ला,

झाड़ो लगवाने सब आवे,

मांड मांड के पल्ला,

बोलती भगता की,

बंद या कर ज्यागी,

झाडो दे दे श्याम,

जाटणी मर जाएगी,

मरेगी किस्मत से,

नाम तेरा करज्यागी,

झाडो दे दे श्याम,

जाटणी मर जाएगी,

मरेगी किस्मत से,

नाम तेरा करज्यागी,

झाड़ो दे दे श्याम,

जाटणी मर जाएगी,

इस पावन रचना का पाठ कब और कैसे करना चाहिए? ▾
प्रातःकाल स्नान करके अथवा संध्याकाल में शांत चित्त होकर स्वच्छ आसन पर बैठकर पाठ करना परम फलदायी माना जाता है।
नित्य पाठ करने से क्या आध्यात्मिक लाभ होता है? ▾
नित्य भक्तिभाव से स्मरण व पाठ करने से मन में शांति, एकाग्रता और सकारात्मक ऊर्जा का संचार होता है।