नौ देवी नयन खोलो

पारंपरिक
माता दुर्गा भजन दुर्गा भजन durga
॥ पावन पाठ ॥

नौ देवी नयन खोलो,

पुजारी द्वार आया है,

नौ देवी नयन खोलो,

पुजारी द्वार आया है,

पुजारी द्वार आया है…….

मैया के द्वारे,

मेरे ब्रह्मा जी पधारे,

शंख दे दो चले जाये,

पुजारी द्वार आया है,

नौ देवी नयन खोलो,

पुजारी द्वार आया है,

पुजारी द्वार आया है…….

मैया के द्वारे,

मेरे विष्णु जी पधारे,

चक्र दे दो चले जाये,

पुजारी द्वार आया है,

नौ देवी नयन खोलो,

पुजारी द्वार आया है,

पुजारी द्वार आया है…….

मैया के द्वारे,

मेरे भोले जी पधारे,

डमरु दे दो चले जाये,

पुजारी द्वार आया है,

नौ देवी नयन खोलो,

पुजारी द्वार आया है,

पुजारी द्वार आया है…….

मैया के द्वारे,

मेरे रामा जी पधारे,

धनुष दे दो चले जाये,

पुजारी द्वार आया है,

नौ देवी नयन खोलो,

पुजारी द्वार आया है,

पुजारी द्वार आया है…….

मैया के द्वारे,

मेरे कान्हा जी पधारे,

मुरली दे दो चले जाये,

पुजारी द्वार आया है,

नौ देवी नयन खोलो,

पुजारी द्वार आया है,

पुजारी द्वार आया है…….

मैया के द्वारे,

तेरे भक्त पधारे,

दरस दे दो चले जाये,

पुजारी द्वार आया है,

नौ देवी नयन खोलो,

पुजारी द्वार आया है,

पुजारी द्वार आया है…….

नौ देवी नयन खोलों,

पुजारी द्वार आया है,

नौ देवी नयन खोलों,

पुजारी द्वार आया है,

पुजारी द्वार आया है…….

इस पावन रचना का पाठ कब और कैसे करना चाहिए? ▾
प्रातःकाल स्नान करके अथवा संध्याकाल में शांत चित्त होकर स्वच्छ आसन पर बैठकर पाठ करना परम फलदायी माना जाता है।
नित्य पाठ करने से क्या आध्यात्मिक लाभ होता है? ▾
नित्य भक्तिभाव से स्मरण व पाठ करने से मन में शांति, एकाग्रता और सकारात्मक ऊर्जा का संचार होता है।