माँ तुझसे जुदा होके मर जायेंगे

पारंपरिक
माता दुर्गा भजन दुर्गा भजन durga
॥ पावन पाठ ॥

माँ तुझसे जुदा होके,

मर जायेंगे रो रो के,

माँ तुझसे जुदा होके,

मर जायेंगे रो रो के……

तुम कहती हो मैया,

तुम्हे टीका प्यारा है,

माँ भवन में आ जाओ,

तुम्हे बिंदिया लगा देंगे,

माँ तुझसे जुदा होके,

मर जायेंगे रो रो के……

तुम कहती हो मैया,

तुम्हे माला प्यारी है,

माँ भवन में आ जाओ,

तुम्हे हरवा पहना देंगे,

माँ तुझसे जुदा होके,

मर जायेंगे रो रो के……

तुम कहती हो मैया,

तुम्हे कंगना प्यारे हैं,

माँ भवन में आओ तुम्हे,

प्यारी मेहंदी लगा देंगे,

माँ तुझसे जुदा होके,

मर जायेंगे रो रो के……

तुम कहती हो मैया,

तुम्हे तगड़ी प्यारी है,

माँ भवन में आओ तुम्हे,

तुम्हे गुच्छा लगा देंगे,

माँ तुझसे जुदा होके,

मर जायेंगे रो रो के……

तुम कहती हो मैया,

तुम्हे साड़ी प्यारी हैं,

माँ भवन में आ जाओ,

तुम्हे चुनरी ओढ़ा देंगे,

माँ तुझसे जुदा होके,

मर जायेंगे रो रो के……

तुम कहती हो मैया,

तुम्हे भक्त प्यारे हैं,

माँ भवन में आ जाओ,

तुम्हे भेंट सुना देंगे,

माँ तुझसे जुदा होके,

मर जायेंगे रो रो के……

माँ तुझसे जुदा होके,

मर जायेंगे रो रो के,

माँ तुझसे जुदा होके,

मर जायेंगे रो रो के……

इस पावन रचना का पाठ कब और कैसे करना चाहिए? ▾
प्रातःकाल स्नान करके अथवा संध्याकाल में शांत चित्त होकर स्वच्छ आसन पर बैठकर पाठ करना परम फलदायी माना जाता है।
नित्य पाठ करने से क्या आध्यात्मिक लाभ होता है? ▾
नित्य भक्तिभाव से स्मरण व पाठ करने से मन में शांति, एकाग्रता और सकारात्मक ऊर्जा का संचार होता है।