तेरे दर पे आना मैया मेरा काम है

पारंपरिक
माता दुर्गा भजन दुर्गा भजन durga
॥ पावन पाठ ॥

तेरे दर पे आना ओ मैया,

मेरा काम है,

मेरी बिगड़ी बनाना,

ओ मैया तेरा काम है,

तेरे दर पे आना…….

मेरे मन को तो मंदिर बना लिया,

मंदिर बना लिया, मंदिर बना लिया,

उसमे आसन लगाना,

ओ मैया तेरा काम है,

मेरी बिगड़ी बनाना,

ओ मैया तेरा काम है……

मैंने दीपक में बाती लगा दी,

बाती लगा दी मैया बाती लगा दी,

उसमें ज्योत जगाना,

ओ मैया तेरा काम है,

मेरी बिगड़ी बनाना,

ओ मैया तेरा काम है……

मैंने चरणों में सर को झुका लिया,

सर को झुका लिया, सर को झुका लिया,

सर पे हाथ टिकाना,

ओ मैया तेरा काम है,

मेरी बिगड़ी बनाना,

ओ मैया तेरा काम है……

बुरे कर्मों से मैंने कांटे बिछा लिए,

कांटे बिछा लिए, कांटे बिछा लिए,

इन काँटों से बचाना,

ओ मैया तेरा काम है,

मेरी बिगड़ी बनाना,

ओ मैया तेरा काम है……

झोली फैला दी मैंने, मैया तेरे नाम की,

मैया तेरे नाम की, ओ मैया तेरे नाम की

दान भक्ति का देना,

ओ मैया तेरा काम है,

मेरी बिगड़ी बनाना,

ओ मैया तेरा काम है……

मैंने तुझको माँ, अपना बना लिया,

अपना बना लिया, माँ अपना बना लिया,

मुझको अपना बनाना,

ओ मैया तेरा काम है,

मेरी बिगड़ी बनाना,

ओ मैया तेरा काम है……

इस पावन रचना का पाठ कब और कैसे करना चाहिए? ▾
प्रातःकाल स्नान करके अथवा संध्याकाल में शांत चित्त होकर स्वच्छ आसन पर बैठकर पाठ करना परम फलदायी माना जाता है।
नित्य पाठ करने से क्या आध्यात्मिक लाभ होता है? ▾
नित्य भक्तिभाव से स्मरण व पाठ करने से मन में शांति, एकाग्रता और सकारात्मक ऊर्जा का संचार होता है।