शेरावाली मैया बांटे खुशियों की सौगात

पारंपरिक
माता दुर्गा भजन दुर्गा भजन durga
॥ पावन पाठ ॥

ओ शेरोंवाली मैया तो,

बांटे खुशियों की सौगात,

ओ बांटे खुशियों की सौगात,

मैया दिन और रात,

ओ वैष्णो रानी मैया तो,

बांटे खुशियों की सौगात…….

शेरावाली मां, मेरी जोता वाली मां,

शेरावाली मां, मेरी जोता वाली मां…….

खुला रहे दरबार हमेशा,

जगदंबा महारानी का,

ध्यान रखें पशु पक्षी मानव,

सबके दाना पानी का,

देती दसों भुजा से मां,

रोके किसकी ये औकात,

ओ अंबे रानी मैया तो,

बांटे खुशियों की सौगात,

ओ शेरो वाली मैया तो,

बांटें खुशियों की सौगात…….

जो मांगो वो मिल जाता है,

माता के दरबार से,

धरती अंबर गूंज देखो,

मैया के जय कार से,

ये तो भक्तों से करती बात,

जब जब आए नवरात्र,

अंबे रानी मैया तो,

बांटें खुशियों की सौगात,

शेरो वाली मैया तो,

बांटें खुशियों की सौगात…….

ओ पहाड़ा वाली मैया तो,

बांटें खुशियों की सौगात,

ओ शेरोंवाली मैया तो,

बांटे खुशियों की सौगात,

ओ बांटें खुशियों की सौगात,

मैया दिन और रात,

ओ वैष्णव वाली मैया तो,

बांटे खुशियों की सौगात…….

इस पावन रचना का पाठ कब और कैसे करना चाहिए? ▾
प्रातःकाल स्नान करके अथवा संध्याकाल में शांत चित्त होकर स्वच्छ आसन पर बैठकर पाठ करना परम फलदायी माना जाता है।
नित्य पाठ करने से क्या आध्यात्मिक लाभ होता है? ▾
नित्य भक्तिभाव से स्मरण व पाठ करने से मन में शांति, एकाग्रता और सकारात्मक ऊर्जा का संचार होता है।