वृंदावन उपजे पेड़ वृक्ष

पारंपरिक
श्री कृष्ण भजन कृष्ण भजन krishna
॥ पावन पाठ ॥

वृंदावन उपजे पेड़ वृक्ष या की तीन लोक में छाया....

कौन दिशा महुआ उगे,

और कौन दिशा तुलसी को बाग,

वृक्ष याकी तीन लोक में छाया.....

पूरब दिशा महुआ उगे,

पश्चिम में तुलसी को बाग वृक्ष या की तीन लोक में छाया.....

कौन महुआ को सिचता,

कौन तुलसी को बाग वृक्ष या की तीन लोक में छाया.....

रुकमणी महुआ सिंचती,

कोई राधा तुलसी को बाग़ वृक्ष या के तीन लोक में छाया.....

कौन दिशा बदरा उठे,

कौन दिशा बरसे मेह वृक्ष या के तीन लोक में छाया....

पूरब दिशा बदरा उठे,

कोई पश्चिम बरसे मेघ वृक्ष या की तीन लोक में छाया....

किसकी भीगे रंग चुनरी,

और किसको भीगे बाग वृक्ष या की तीन लोक में छाया....

राधा की भीगे रंग चुनरी,

कान्हा को भीगे बाघ वृक्ष या की तीन लोक में छाया.....

कहां तो सुके रंग चूंदड़ी,

कहां तो सूखे बाग वृक्ष या कि तीन लोक में छाया.....

महलों में सूखे रंग चुनरी,

जंगल में सूखे बाघ वृक्ष राशि तीन लोक में छाया......

इस पावन रचना का पाठ कब और कैसे करना चाहिए? ▾
प्रातःकाल स्नान करके अथवा संध्याकाल में शांत चित्त होकर स्वच्छ आसन पर बैठकर पाठ करना परम फलदायी माना जाता है।
नित्य पाठ करने से क्या आध्यात्मिक लाभ होता है? ▾
नित्य भक्तिभाव से स्मरण व पाठ करने से मन में शांति, एकाग्रता और सकारात्मक ऊर्जा का संचार होता है।