तोहे मिल जाए श्री भगवान व्रत एकादशी करना

मीरा बाई
श्री कृष्ण भजन कृष्ण भजन krishna
॥ पावन पाठ ॥

तोहे मिल जाए श्री भगवान व्रत एकादशी करना.....

सदा संतोष ज्ञान सब हृदय में रखना,

रे मानव हृदय में रखना,

ग्यारस के दिन उठकर सवेरे गंगा तट जाना,

रे मानव दातुन ना करना,

तेरी नैया हो जाए पार व्रत एकादशी करना.....

नहाए धोए आसन पर बैठे राम नाम जपना,

रे मानव राम नाम जपना,

ग्यारस के दिन उठकर सवेरे मंदिर में जाना,

रे मानव परिकम्मा करना,

तेरी नैया हो जाए पार व्रत एकादशी करना.....

तुलसी से चरणामृत लेना हरिदर्शन करना,

रे मानव हरि दर्शन करना,

चोरी चुगली ना करना परनिंदा ना करना,

रे मानव हृदय भाव धरना,

तेरी नैया हो जाए पार व्रत एकादशी करना.....

ग्यारस के दिन अन्न खाना निर्मल मन रखना,

रे मानव निर्मल मन रखना,

द्वादशी के दिन करो पालना ब्रह्म भोज करना,

रे मानव शीतल मन रखना,

तेरी नैया हो जाए पार व्रत एकादशी करना.....

ग्यारस के दिन झूठ ना बोलो पापों से डरना,

काम क्रोध काम क्रोध मद लोभ छोड़कर हरि सुमिरन करना,

रे मानव हरि सत्संग करना,

तेरी नैया हो जाए पार व्रत एकादशी करना.....

मीरा के प्रभु गिरिधर नागर नित दर्शन देना,

भ्व बंधन से मोह छुड़ाकर नैया पार करना,

प्रभु जी संकट हर लेना,

तेरी नैया हो जाए पार व्रत एकादशी करना.....

इस पावन रचना का पाठ कब और कैसे करना चाहिए? ▾
प्रातःकाल स्नान करके अथवा संध्याकाल में शांत चित्त होकर स्वच्छ आसन पर बैठकर पाठ करना परम फलदायी माना जाता है।
नित्य पाठ करने से क्या आध्यात्मिक लाभ होता है? ▾
नित्य भक्तिभाव से स्मरण व पाठ करने से मन में शांति, एकाग्रता और सकारात्मक ऊर्जा का संचार होता है।