धरती पे चाँद उतरने वाला है

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॥ पावन पाठ ॥

तर्ज - एक नन्हा सा मेहमान

इस धरती पर चाँद उतरने वाला है,

जिसका था इंतजार वो आने वाला है,

अपनी पलको को राहो में बिछाये रखना,

घर आँगन को दीपो से सजाये रखना,

फिजां में भक्ति रंग उड़ने वाला है,

बसंत पंचमी का शुभ दिन आने वाला है,

फिजां में भक्ति रंग उड़ने वाला है,

खुशियो का वो पल आने वाला है......

माँ छगनी का दुलारा है जन जन का प्यारा वो,

घेवर चन्द जी नंदन है इस दुनिया से न्यारा वो,

है कलयुग का अवतारी है सबका पालनहारा वो,

करे लीले की असवारी है भक्तो का रखवारा वो,

वो शुभ दिन वो अवसर आँगन आने वाला है,

आज खुशियो का सावन भी बरसने वाला है,

फिजां में भक्ति रंग उड़ने वाला है,

खुशियो का वो पल आने वाला है,

बसंत पंचमी का शुभ दिन आने वाला है,

हो..जन्मोउत्सव बाबोसा का आने वाला है......

रंग बिरंगे फूलो से दरबार सजायेंगे मिलकर,

मेवा मिठाई मिश्री का हम केक बनायेगे सूंदर,

हैप्पी बर्थ डे टू यु बोलेगे हम सब मिलकर,

झूमेंगे नाचेंगे ओर भक्ति करेंगे हम जमकर,

भक्तो बाबोसा का दर्शन होने वाला है,

नजरे जमाये रखना दिलबर आने वाला है,

फिजां में भक्ति रंग उड़ने वाला है,

खुशियो का वो पल आने वाला है,

बसंत पंचमी का शुभ दिन आने वाला है,

हो..जन्मोउत्सव बाबोसा का आने वाला है......

इस पावन रचना का पाठ कब और कैसे करना चाहिए? ▾
प्रातःकाल स्नान करके अथवा संध्याकाल में शांत चित्त होकर स्वच्छ आसन पर बैठकर पाठ करना परम फलदायी माना जाता है।
नित्य पाठ करने से क्या आध्यात्मिक लाभ होता है? ▾
नित्य भक्तिभाव से स्मरण व पाठ करने से मन में शांति, एकाग्रता और सकारात्मक ऊर्जा का संचार होता है।