मै तो भरन गई थी नीर राम की सू

पारंपरिक
श्री कृष्ण भजन कृष्ण भजन krishna
॥ पावन पाठ ॥

मै तो भरन गई थी नीर राम की सू, गंगा जी के घाट राम की सू....

आगे आगे कृष्ण चले पीछे चले सखियां, इतने में भीड़ लाग गयी गंगा के किनारे,

ए लगी कसूती भीड़ राम की सू...

गंगा जी किनारे कृष्ण गाय चरावे, इतनी लंबी लाइन लाग गयी जमुना के किनारे,

उते बजी कसूती बीन राम की सू....

इतने में कृष्ण आ गया नंद का दुलारा, मटकी मेरी फोड़ दी यशोदा के लाला ने,

मेरे कपड़े छीटम छींट राम की सू....

कह दीजो उस कृष्ण से हमारे से वैर करे कोई न, जो हमारे से वैर करे तो उसकी खैर रहे न ,

रे मै गूजर वो हीर राम की सू....

इस पावन रचना का पाठ कब और कैसे करना चाहिए? ▾
प्रातःकाल स्नान करके अथवा संध्याकाल में शांत चित्त होकर स्वच्छ आसन पर बैठकर पाठ करना परम फलदायी माना जाता है।
नित्य पाठ करने से क्या आध्यात्मिक लाभ होता है? ▾
नित्य भक्तिभाव से स्मरण व पाठ करने से मन में शांति, एकाग्रता और सकारात्मक ऊर्जा का संचार होता है।