भोले मान जा भोले मै तेरी घोटूंगी भांग

पारंपरिक
महादेव भजन शिव भजन shiv
॥ पावन पाठ ॥

भोले मान जा भोले मै तेरी घोटूंगी भांग,

हाय भोले मान जा,

भोले मै तेरी घोटूंगी भांग,

भोले मान जा....

भोले छोड़ दे अडी रे,

तेरी गौरा खड़ी मै,

तन्ने ला द्युंगी भांग,

भोले मान जा......

तू मेरा प्राण है भोला,

मै तेरी जान रे,

काहे तू भोला मुझको,

करता परेशान रे,

हो तू ख़ुशी ही भला रे,

मै तन्ने ला द्युंगी भांग,

भोले मान जा.....

तेरे संग जीना मरना,

दुःख सुख मै सह लुंगी,

जैसे रखेगा भोले,

वैसे मै रह लुंगी,

हो तू तो दिल में बसा,

मेरे मन में बसा,

मै तन्ने ला द्युंगी भांग,

भोले मान जा.....

अपने हाथो से भंगिया,

घोट के पिलाउंगी,

हर जनम में भोले,

साथ तेरा चाहूंगी,

हो मेरी प्रीत में बंधके,

तेरे साथ रहू बनके,

मै तन्ने ला द्युंगी भांग,

भोले मान जा......

भोले छोड़ दे अडी रे,

तेरी गौरा खड़ी मै,

तन्ने ला द्युंगी भांग,

भोले मान जा.....

इस पावन रचना का पाठ कब और कैसे करना चाहिए? ▾
प्रातःकाल स्नान करके अथवा संध्याकाल में शांत चित्त होकर स्वच्छ आसन पर बैठकर पाठ करना परम फलदायी माना जाता है।
नित्य पाठ करने से क्या आध्यात्मिक लाभ होता है? ▾
नित्य भक्तिभाव से स्मरण व पाठ करने से मन में शांति, एकाग्रता और सकारात्मक ऊर्जा का संचार होता है।