दर प तेरे अर्जी करने

पारंपरिक
श्री कृष्ण भजन कृष्ण भजन krishna
॥ पावन पाठ ॥

हम भटकते भटकते,

गमो को सहते, सहते

पहुचे ह, दर प तेरे,

अर्जी करने....

अर्जी करना, काम है मेरा,

काम बनाना, काम है तेरा......

ये भी मेरा, वो भी मेरा,

धन के बिना, कोई ना मेरा,

बात कहू, बरे पते की,

गौर तू मुझपे, अब कर लेना,

निर्-धन का, बस एक बसेरा,

खाटू में है, श्री श्याम का डेरा,

अर्ज़ी करना, काम है मेरा,

सुनो, न सुन्नो मैं फिर वी तेरा.....

ठोकरैं खाये, ह प्रभु हम्ने,

दार दार भटके, अर्जी करने,

हार के आए, है दर तेरे,

अब न भटकु, दर से तेरे,

हरे के साथी, अब है तेरे,

अर्जी पूराओ, प्रभु तम मेरे,

अर्ज़ी करना, कम है मेरा,

काम बनाना, काम है तेरा.....

हमने सुना है, तेरे बारे,

खोटे सिक्के, के, तम हो सहारा,

जो जग से, जब जब भी हरे,

आसु ले, चारनो मे तम्हारे,

अर्ज़ी डाली, आलोक दर तेरे,

आए सहाय, बने तुम मेरे,

इसीलिए...

अर्ज़ी करना काम है मेरा,

(आज सुन्नो या कल सुन्नो)

सुन्ना होगा, प्रभु तम्हे मेरा,

अर्जी करना, काम है मेरा,

काम बनाना, काम है तेरा......

इस पावन रचना का पाठ कब और कैसे करना चाहिए? ▾
प्रातःकाल स्नान करके अथवा संध्याकाल में शांत चित्त होकर स्वच्छ आसन पर बैठकर पाठ करना परम फलदायी माना जाता है।
नित्य पाठ करने से क्या आध्यात्मिक लाभ होता है? ▾
नित्य भक्तिभाव से स्मरण व पाठ करने से मन में शांति, एकाग्रता और सकारात्मक ऊर्जा का संचार होता है।