आष्ठ विनायक हे व्यापक विशाल

पारंपरिक
श्री गणेश आरती गणेश भजन ganesh
॥ पावन पाठ ॥

अष्ट विनायक हे व्यापक विशाल, आठों पहर तेरे गुण गाए,

सुमिरन करते मां गौरी के लाल, आठों पहर तेरे गुण गाए,

अष्ट विनायक हे....

चांद सूरज आरती करे, शेष नाग धूप करे,

ब्रह्मा विष्णु स्तुति करे, सुरनर ध्यान धरे,

सुर नर कहते है दीनदयाल, आठों पहर तेरे गुण गाए,

अष्ट विनायक हे....

नव निधि महिमा गाए, दस दिशाएं शीश झुकाए,

रुद्र ग्यारह प्रीति पाए, चौदह भुवन यश लहराए,

चरणों में रहते सदा दीकपाल, आठों पहर तेरे गुण गाए,

अष्ट विनायक हे....

इस पावन रचना का पाठ कब और कैसे करना चाहिए? ▾
प्रातःकाल स्नान करके अथवा संध्याकाल में शांत चित्त होकर स्वच्छ आसन पर बैठकर पाठ करना परम फलदायी माना जाता है।
नित्य पाठ करने से क्या आध्यात्मिक लाभ होता है? ▾
नित्य भक्तिभाव से स्मरण व पाठ करने से मन में शांति, एकाग्रता और सकारात्मक ऊर्जा का संचार होता है।