बाबा भगतराम

पारंपरिक
श्री राम भजन गुरुदेव भजन ram
॥ पावन पाठ ॥

तारन में चंद्रु आ,

गुल में गुलाब आ,

हीरन में कोहिनूर,

अखडि्न जो आब आ,

दिलबर प्यारो प्यारो असांजो,

बाबा भगतराम.....

यारन जो यार आ,

सब जो हो प्यार आ,

सारी संगत जो,

सुहिणो सिंगारु आ,

दिलबर प्यारो प्यारो असांजो,

बाबा भगतराम.....

सेवक सतगुरु जो नातो,

युगन युगन ख़ां हलंदो आ,

माता पिता जी गोद में जींय,

बालक सुख सां पलंदो आ,

सेवक जी पहचान आ,

सतगुरु मानु ऐं शान आ,

नूरी नजुरीन ख़ां निहारे,

निगह कंदो निगहबान आ,

भाग जगाए थो प्रभु मिलाएं थो,

भव सागर ख़ां पार लगाए थो,

दिलबर प्यारो प्यारो असांजो,

बाबा भगतराम.....

सच जी राह डि्खारे करे,

सत्संग सां जहिं जोड़यो आ,

नाम हरीय जो जपाए करे,

मोह माया ख़ां मोड़यो आ,

आनंदु अहिडो़ जो मिल़्यो,

स्वर्ग में भी ना मिलंदो आ,

प्रभु किरपा जहिंते करें,

अहडो़ सतगुरु मिलंदो आ,

गीता जो ज्ञानु आ,

वैकुंठ धामु आ,

जहिंजे हिरदे में,

श्री भगवानु आ,

दिलबर प्यारो,

यारन जो यार,

दिलबर प्यारो प्यारो,

असांजो बाबा भगतराम.....

इस पावन रचना का पाठ कब और कैसे करना चाहिए? ▾
प्रातःकाल स्नान करके अथवा संध्याकाल में शांत चित्त होकर स्वच्छ आसन पर बैठकर पाठ करना परम फलदायी माना जाता है।
नित्य पाठ करने से क्या आध्यात्मिक लाभ होता है? ▾
नित्य भक्तिभाव से स्मरण व पाठ करने से मन में शांति, एकाग्रता और सकारात्मक ऊर्जा का संचार होता है।