राधिका क्यों दी तुमने इजाजत

पारंपरिक
श्री कृष्ण भजन कृष्ण भजन krishna
॥ पावन पाठ ॥

राधिका क्यों दी तुमने इजाजत, श्याम को जाने की,

अभी कुछ देर तो रुकना था, अभी मुरली को सुनना था......

अभी मधुबन तो, निखरा था, अभी आनंद बिखरा था,

इसी आनंद को पाने ही, यह जीवन सारा तरसा है,

राधिका क्यों दी तुमने इजाजत.....

अभी रसपान पाया था, अभी यह प्रेम समझा था,

इसी गहरे प्रेम क्यों, तूने बीच भूलाया है,

राधिका क्यों दी तुमने इजाजत.....

अभी अब तो ना जीना है, सिर्फ मरना तड़पना है,

श्याम संग ही धड़कन है, श्याम ही अब, जीवन है,

राधिका क्यों दी तुमने इजाजत.....

यह वृंदावन सूना है, यह मुरली तान सूनी है,

गोपीका ग्वाल सूने है बृज की रज सूनी है,

कहे रश्मि सुन राधे तुझ बिन, श्याम सुना है,

राधिका क्यों दी तुमने इजाजत.....

इस पावन रचना का पाठ कब और कैसे करना चाहिए? ▾
प्रातःकाल स्नान करके अथवा संध्याकाल में शांत चित्त होकर स्वच्छ आसन पर बैठकर पाठ करना परम फलदायी माना जाता है।
नित्य पाठ करने से क्या आध्यात्मिक लाभ होता है? ▾
नित्य भक्तिभाव से स्मरण व पाठ करने से मन में शांति, एकाग्रता और सकारात्मक ऊर्जा का संचार होता है।