संकट मोचक तेरा संकट हरेंगें

पारंपरिक
हनुमान जी भजन हनुमान भजन hanuman
॥ पावन पाठ ॥

संकट मोचक तेरा संकट हरेंगें,

तू क्यूं होवे उदास,

संकट घड़ी विकट बड़ी है ,

तो आजा बाला जी के पास,

संकट मोचक तेरा संकट हरेंगें.....

राम सिया के अति प्रिय हैं,

उनसे यह वर पाया है,

सदा बिगड़ी बनाई है उसकी,

जिसने सिया राम गुण गाया है,

तू भी गाले राम धुनि,

और बन जा उनका खास,

तो आजा बाला जी के पास,

संकट मोचक तेरा संकट हरेंगें.....

तिलक भाल पर देह सिंदूरी,

ओढा राम नाम का चोला है,

सदा होकर रहें हैं उसके,

जिसने नाम राम का बोला है,

तू भी जपले नाम राम का,

पूरी करले मन की आस,

तो आजा बाला जी के पास,

संकट मोचक तेरा संकट हरेंगें......

बजरंगबली करते सबकी भली,

संकट सारे हर लेते हैं,

जो आए चरण में रहे शरण में,

उसको सुखों का वर देते हैं,

तू भी आजा होगा राजीव तेरे,

कष्टों का भी नाश,

तो आजा बाला जी के पास,

संकट मोचक तेरा संकट हरेंगें......

© राजीव त्यागी नजफगढ़ नई दिल्ली

इस पावन रचना का पाठ कब और कैसे करना चाहिए? ▾
प्रातःकाल स्नान करके अथवा संध्याकाल में शांत चित्त होकर स्वच्छ आसन पर बैठकर पाठ करना परम फलदायी माना जाता है।
नित्य पाठ करने से क्या आध्यात्मिक लाभ होता है? ▾
नित्य भक्तिभाव से स्मरण व पाठ करने से मन में शांति, एकाग्रता और सकारात्मक ऊर्जा का संचार होता है।