कलयुग में पूजे जय हनुमान

पारंपरिक
हनुमान जी भजन हनुमान भजन hanuman
॥ पावन पाठ ॥

न चित धरहि कोउ भगवान,

कलयुग में पूजे जय हनुमान,

संकटमोचन जय हनुमान,

भजले पवन पुत्र के गान,

कोरस-न चित धरहि कोउ भगवान,

कलयुग में पूजे जय हनुमान…….

मेंहदीपुर बालाजी में, बाल रूप में आप विराजै,

हनुमान गढ़ी, अयोध्या में, सुंदर मूरत अति साजे,

सालासर हनुमान को देखो जाकर राजस्थान……

चित्रकूट में जाकर देखो दर्शन कर लो हनुमान धारा,

प्रयागराज के लेटी मूरत दर्शन कर लीजे दुबारा,

भेट द्वारका गुजरात मा दर्शन कीजे हनुमान……

इस पावन रचना का पाठ कब और कैसे करना चाहिए? ▾
प्रातःकाल स्नान करके अथवा संध्याकाल में शांत चित्त होकर स्वच्छ आसन पर बैठकर पाठ करना परम फलदायी माना जाता है।
नित्य पाठ करने से क्या आध्यात्मिक लाभ होता है? ▾
नित्य भक्तिभाव से स्मरण व पाठ करने से मन में शांति, एकाग्रता और सकारात्मक ऊर्जा का संचार होता है।