मांगता ना सोना चांदी

पारंपरिक
माता दुर्गा भजन दुर्गा भजन durga
॥ पावन पाठ ॥

मांगता ना सोना चांदी बांगला मैं कार जी,

मेहनत का मांगै सै फल मैया जमीदार जी……..

खेता के महा बीतै मैया जीवन जमीदार का,

होजा फसलअच्छी होजा मौसम बहार का,

टाइम पे मैं पाणी होजा करियो उपकार जी……….

डांगर घणे राखे मैया खैर राखियो सबकी,

अच्छा बिकजा दूध घी साल मैयाअबकी,

चालजा कुछ घर का कर्जा टाबर पीले धार जी......

माट्टी के महा रुलजा ना कदे मेहनत जमीदार की,

खोलदे तू आँख मैया सारे संसार की,

दाल रोटी का माँ सागर मांगै रोजगार जी…..

इस पावन रचना का पाठ कब और कैसे करना चाहिए? ▾
प्रातःकाल स्नान करके अथवा संध्याकाल में शांत चित्त होकर स्वच्छ आसन पर बैठकर पाठ करना परम फलदायी माना जाता है।
नित्य पाठ करने से क्या आध्यात्मिक लाभ होता है? ▾
नित्य भक्तिभाव से स्मरण व पाठ करने से मन में शांति, एकाग्रता और सकारात्मक ऊर्जा का संचार होता है।