दूर भवन मत जाओ मेरी मैया

पारंपरिक
माता दुर्गा भजन दुर्गा भजन durga
॥ पावन पाठ ॥

दूर भवन मत जाओ मेरी मैया आज तुम्हारा पूजा का दिन है………

सपने मेने बृह्मा को देखा, वैद पढ़ा रहे मेरे अंगना,

संग में सरस्वती को भी लाये ज्ञान सीखा रहे मेरे अंगना,

दूर भवन मत जाओ मेरी मैया आज तुम्हारा पूजा का दिन है……..

सपने में मेने विष्णू को देखा, चक्रधर चला रहे मेरे अंगना,

संग में लक्समी को भी लाये, धन बरसा रहे मेरे अंगना,

दूर भवन मत जाओ मेरी मैया आज तुम्हारा पूजा का दिन है…….

सपने मैं मैंने भोले को देखा, डमरू बजा रहे मेरे अंगना,

संग में गौरा को भी लाये, यश बढ़ा रहे मेरे अंगना,

दूर भवन मत जाओ मेरी मैया आज तुम्हारा पूजा का दिन है……..

सपने मैं मैने रामा को देखा, धनुष चला रहे मेरे अंगना,

संग में सीता को भी लाये मर्यादा सीखा रहे मेरे अंगना,

दूर भवन मत जाओ मेरी मैया आज तुम्हारा पूजा का दिन है……..

इस पावन रचना का पाठ कब और कैसे करना चाहिए? ▾
प्रातःकाल स्नान करके अथवा संध्याकाल में शांत चित्त होकर स्वच्छ आसन पर बैठकर पाठ करना परम फलदायी माना जाता है।
नित्य पाठ करने से क्या आध्यात्मिक लाभ होता है? ▾
नित्य भक्तिभाव से स्मरण व पाठ करने से मन में शांति, एकाग्रता और सकारात्मक ऊर्जा का संचार होता है।