बाबा आयो रे भादरवो मास

पारंपरिक
माता दुर्गा भजन विविध भजन durga
॥ पावन पाठ ॥

ए हे बाबा आयो रे भादरवो मास,

रुनिचे मारो मन लागो,

मरे उठी रे हिवड़े रे हिलोर... रुनिचे मारो मन लागो,

अजमल जी रा कवर कहावो,

बाई सुगना रा बीर ,

ऐ हे माता मेना दे रा लाल पूजावो,

रानी नेतल रा जीव .... रुनिचे मारो मन लागो.....

बीज भादवा बाबा मेलो भरसी,

दुनिया थारो जय कारो करसि,

ऐ हे .दुखिया रा दुखड़ा बाबो हरसि,

धाम जागे रे हमेश... रुनिचे मारो मन लागो......

लाखो बणजारो बालद लायो,

जुट बोल्यो बाबा लूण बणायो,

ऐ हे हाथ जोड़े शरणा में पड़ियो,

लूण री मिसरी बने.. रुनिचे मारो मन लागो.....

हरजी भाटी बाबा चवर ढुलायो,

धरम तंवर थारो भजन सुनायो,

ऐ हे हेलो मारो सुनो धनी राम देव,

गांव रुनिचे बुलाय.... रुनिचे मारो मन लागो......

इस पावन रचना का पाठ कब और कैसे करना चाहिए? ▾
प्रातःकाल स्नान करके अथवा संध्याकाल में शांत चित्त होकर स्वच्छ आसन पर बैठकर पाठ करना परम फलदायी माना जाता है।
नित्य पाठ करने से क्या आध्यात्मिक लाभ होता है? ▾
नित्य भक्तिभाव से स्मरण व पाठ करने से मन में शांति, एकाग्रता और सकारात्मक ऊर्जा का संचार होता है।