ले हर एक सांस नाम तेरा

पारंपरिक
माता दुर्गा भजन दुर्गा भजन durga
॥ पावन पाठ ॥

ले हर एक सांस,

मेरी नाम तेरा,

दुर्गे दुर्गे मां दुर्गे,

तेरे ही दम से हो,

काम मेरा,

दुर्गे दुर्गे मां दुर्गे,

ले हर एक सांस,

मेरी नाम तेरा,

तेरे ही दम से हो,

काम मेरा,

शेरों की करे सवारी,

शक्ति हर सौदाई,

रखना सदा हाथ,

थाम मेरा…….

दुर्गे दुर्गे मां दुर्गे,

दुर्गे दुर्गे मां दुर्गे,

दुर्गे दुर्गे मां दुर्गे,

दुर्गे दुर्गे मां दुर्गे…….

तुझसे ही लौ मेरी,

दिन की महागौरी,

तेरी साधना ही मेरे,

सपनों की लोरी,

तुझसे ही लौ मेरी,

दिन की महागौरी,

तेरी साधना ही मेरे,

सपनों की लोरी,

बिन मांगे हर सुख,

तूने दिया,

मेरे सब कष्टों का,

नाश किया,

है झुका शीश तेरे,

धाम मेरा…….

दुर्गे दुर्गे मां दुर्गे,

दुर्गे दुर्गे मां दुर्गे,

दुर्गे दुर्गे मां दुर्गे,

दुर्गे दुर्गे मां दुर्गे…….

तू भवानी भाविनी,

मृणलोचनी नारायणी,

भुवनेश्वरी परमेश्वरी,

जगतेश्वरी राजेश्वरी,

तू कालकी काली भी तू,

सर्वेश्वरी महेश्वरी,

भव्य भव्या भाव्या भी तू,

कौनसा लूं अब नाम तेरा…….

दुर्गे दुर्गे मां दुर्गे,

दुर्गे दुर्गे मां दुर्गे,

दुर्गे दुर्गे मां दुर्गे,

दुर्गे दुर्गे मां दुर्गे,

जय मां दुर्गे,

दुर्गे दुर्गे मां दुर्गे,

दुर्गे दुर्गे मां दुर्गे,

जय मां दुर्गे…….

इस पावन रचना का पाठ कब और कैसे करना चाहिए? ▾
प्रातःकाल स्नान करके अथवा संध्याकाल में शांत चित्त होकर स्वच्छ आसन पर बैठकर पाठ करना परम फलदायी माना जाता है।
नित्य पाठ करने से क्या आध्यात्मिक लाभ होता है? ▾
नित्य भक्तिभाव से स्मरण व पाठ करने से मन में शांति, एकाग्रता और सकारात्मक ऊर्जा का संचार होता है।