ये सारे खेल तुम्हारे हैं

पारंपरिक
श्री कृष्ण भजन कृष्ण भजन krishna
॥ पावन पाठ ॥

ये सारे खेल तुम्हारे हैं जग कहता खेल नसीबों का,

मैं तुझसे दौलत क्यूँ मांगू मैंने सुना तू यार गरीबों का.....

तेरी दीन सुदामा से यारी, हमको ये सबक सिखाती है,

धनवानों की ये दुनियाँ है पर तू निर्धन का साथी है,

दौलत के दीवाने क्या जाने, तू आशिक सदा गरीबों का,

मैं तुझसे दौलत क्यूँ मांगू मैंने सुना तू यार गरीबों का......

तूने पत्थर से बाहर आकर धन्ना का रूप दिखाया था,

तूने हाली बन धन्ना के खेतों मे हाल चलाया था,

मैं वारी जावाँ, साहब जी ना दियाँ मन्ने ने,

मैं तुझसे दौलत क्यूँ मांगू मैंने सुना तू यार गरीबों का......

नरसी ने दौलत ठुकरा कर तेरे सा बेटा पाया था,

तूने कदम कदम पर कान्हा बेटे का धर्म निभाया था,

तेरे इसी अदा से जान गया तू है करतार गरीबों का,

मैं तुझसे दौलत क्यूँ मांगू मैंने सुना तू यार गरीबों का.....

प्रभु क्षमा करो रोमी सबको, तेरी राज की बात बताता है,

तू सिक्के चांदी के देकर. हमें खुद से दूर भगाता है,

कोई माने या प्रभु ना माने, तुझको ऐतबार गरीबों का,

मैं तुझसे दौलत क्यूँ मांगू मैंने सुना तू यार गरीबों का.......

हमको तुमको तुमसे मांगते हैं, तेरी यी बाजी जीतेंगे,

तेरे चरणों में रोमी के अब दिन साँवरिया बीतेंगे,

हम दीन हीन दुखियारे हैं और दातार गरीबों का,

मैं तुझसे दौलत क्यूँ मांगू मैंने सुना तू यार गरीबों का,

मैं वारी जावाँ, साहब जी ना दियाँ मन्ने ने………

इस पावन रचना का पाठ कब और कैसे करना चाहिए? ▾
प्रातःकाल स्नान करके अथवा संध्याकाल में शांत चित्त होकर स्वच्छ आसन पर बैठकर पाठ करना परम फलदायी माना जाता है।
नित्य पाठ करने से क्या आध्यात्मिक लाभ होता है? ▾
नित्य भक्तिभाव से स्मरण व पाठ करने से मन में शांति, एकाग्रता और सकारात्मक ऊर्जा का संचार होता है।