भवानी ए ये जोड़या दोनू हाथ

पारंपरिक
माता दुर्गा भजन दुर्गा भजन durga
॥ पावन पाठ ॥

भवानी ए ये जोड़या दोनू हाथ, बाजना डेरू दियो घड़वाय,

डेरू रै बिना जागन लगता नाई, सेवक रै सुन मेरे मानडा री बात,

खाती न बेगा लियो रै बुलाया, बाजना डेरू लियो घड़वाय.....

भवानी ए ये जोड़या दोनू हाथ, पहरन ने बाना दियो सिडवाय,

बाने रै बिना घूमर घलता नाई, सेवक रै सुन मेरे मानडा री बात,

दर्जी न बेगा लियो रै बुलाया, पहरान वाला बाना लयो सिडवाय,...

भवानी ए ये जोड़या दोनू हाथ, खेलन वाला खांडा दियो घड़वाय,

खांडे रै बिना खाड़ा लगता नाई, सेवक रै सुन मेरे मानडा री बात,

लुहारा न बेगा लियो रै बुलाया, खेलन वाला खांडा लयो घड़वाय......

भवानी ए ये जोड़या दोनू हाथ, बाजन वाला घुंगरू दियो घड़वाय,

घुगर रै बिना नाच्यो कोनी जाय, सेवक रै सुन मेरे मानडा री बात,

ठैठारो बेगा लियो रै बुलाया, बाजणा घुगरू लयोनी घड़वाय....

भवानी ए ये जोड़या दोनू हाथ, पैदल चल आवा थारी जात,

पालू में मोटी थारी धाम, भगत न रखो चरना माय,

भवानी ए ये जोड़या दोनू हाथ.....

इस पावन रचना का पाठ कब और कैसे करना चाहिए? ▾
प्रातःकाल स्नान करके अथवा संध्याकाल में शांत चित्त होकर स्वच्छ आसन पर बैठकर पाठ करना परम फलदायी माना जाता है।
नित्य पाठ करने से क्या आध्यात्मिक लाभ होता है? ▾
नित्य भक्तिभाव से स्मरण व पाठ करने से मन में शांति, एकाग्रता और सकारात्मक ऊर्जा का संचार होता है।